58 नक्सल गांवों के दिन बहुरेंगे

पुलिस पिकेट, कैंप व थाना के नजदीक के गांव का होगा विकास 13 फोकस एरिया डेवलपमेंट प्लान के तहत काम होगा जिला प्रशासन ने गांवों के विकास के लिए तैयारी शुरू की दुर्जय पासवान गुमला : नक्सल ए श्रेणी गुमला जिले के 58 नक्सल गांवों के दिन बहुरेंगे. जिन 58 गांवों का विकास करना है. […]
पुलिस पिकेट, कैंप व थाना के नजदीक के गांव का होगा विकास
13 फोकस एरिया डेवलपमेंट प्लान के तहत काम होगा
जिला प्रशासन ने गांवों के विकास के लिए तैयारी शुरू की
दुर्जय पासवान
गुमला : नक्सल ए श्रेणी गुमला जिले के 58 नक्सल गांवों के दिन बहुरेंगे. जिन 58 गांवों का विकास करना है. वे पुलिस पिकेट, पुलिस कैंप व थाना के नजदीक के गांव हैं.
13 फोकस एरिया डेवलपमेंट प्लान के तहत इन गांवों में विकास के काम होंगे. इसके तहत लोगों की जरूरत को देखते हुए सभी आधारभूत संरचना उपलब्ध करायी जायेगी. प्रशासन ने उन्हीं गांवों का चयन किया है, जो आजादी के बाद भी पानी, बिजली, सड़क, स्वास्थ्य व रोजगार को तरस रहे हैं.
उग्रवाद भी विकास में बाधक बना हुआ है. इन 58 गांवों के विकास के लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है. डीसी श्रवण साय व एसपी चंदन कुमार झा खुद गांवों के विकास के लिए काम कर रहे हैं. प्रशासन के अनुसार इन गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं, आंगनबाड़ी केंद्र, अच्छे स्कूल की स्थापना, रोड का निर्माण करना है. विधवा एवं वृद्धा पेंशन हर जरूरतमंद को देना है. ताकि कोई गरीबी व बेकारी में न जीये. जिनके घर कच्ची मिट्टी का है या घर नहीं है. उनका इंदिरा आवास योजना के तहत घर बनेगा. गांव के खेत फसल से लहलहाये इसके लिए सिंचाई योजना उपलब्ध कराने के लिए डोभा का निर्माण होगा. अगर आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है तो बच्चों के लिए केंद्र खोलना है.
गांवों में पक्की सड़क का निर्माण होगा : 13 फोकस एरिया डेवलपमेंट प्लान के तहत गांवों में पक्की सड़क बनेगी. इससे गांव पंचायत से जुड़ सकेंगे. ताकि लोग आसानी से पंचायत व प्रखंड मुख्यालय तक का सफर कर सकें. गांवों के सभी उपस्वास्थ्य केंद्र में अनिवार्य रूप से डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति की जायेगी. ताकि लोगों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़े और इलाज के आभाव में किसी की मौत न हो. महिला समूहों को मजबूत किया जायेगा और बेरोजगारों को कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण मिलेगा.
इन गांवों के विकास की है योजना
बिशुनपुर प्रखंड में बनालात पिकेट के बनारी, बनालात, जोरी, जमटी, कुम्हारी गांव, घाघरा थाना अंतर्गत आदर पिकेट के ताबील, पीढ़ा पत्थल, घोड़ा पत्थल, खरसला, मलगो, आदर, चट्टी गांव, विमरला पिकेट के कोड़ले, घुंघरू पाठ, बरांग पाठ, ढेमाडीह गांव, पालकोट थाना अंतर्गत गुड़मा पिकेट के चीरूडीह, कुलबीर, गुड़मा, डहूटोली, सुमड़ू, नवाडीह, ढेंगुरपानी, काशीकोना, कोलेंग, सेमरा, कोंडरकेला गांव, बिशुनपुर थाना के चिलमपुकार, जोरी, हाकाजांग, लापू, गोबरसेला, बेती, बनारी, जमटी गांव, डुमरी थाना अंतर्गत मझगांव पंचायत, उदनी पंचायत, कोकेबल केसरी, चीरोटोली, दाबू, एरावल, डुमरी, चैनपुर थाना अंतर्गत कुरुमगढ़, बहराटोली, मनातू, दरकाना, सेमलटोली, कमलटोली, जिरमी, कोरकोटोली, पीपी गांव, गुमला थाना अंतर्गत सीआरपीएफ कैंप सिलम तथा चैनपुर प्रखंड के टोंगो सीआरपीएफ कैंप के अंर्तगत पड़ने वाले गांव को इस योजना से अच्छादित किया जाना है.
ये सुविधा गांवों में उपलब्ध कराना है : योजना में संचार सेवा बहाल करना है. गांवों को पक्की सड़क से जोड़ना है. महिला समूहों को अजीविका के साधन मुहैया कराना है. पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली की समुचित व्यवस्था करनी है.
आंगनबाड़ी केंद्र, प्रज्ञा केंद्र को सुदृढ़ कर लोगों को लाभ पहुंचाना है. सोलर लाइट, विद्यार्थियों को साइकिल, बेरोजगारों को सिलाई मशीन का वितरण कर उन्हें लाभ पहुंचाना है. स्कूल अस्पताल भवनों का जीर्णोंधार करना है. युवकों को खेलकूद की सुविधा दिलानी है.
विकास में इन विभागों का सहयोग रहेगा : ार्य योजना में भवन निर्माण विभाग, समाज कल्याण, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, श्रम विभाग, ऊर्जा, जेरेडा, एनआरएलएम, पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य, कल्याण विभाग, आइटीडीए विभाग के सामूहिक प्रयास से इन गांवों का विकास करना है. डीसी, एसपी, डीडीसी व संबंधित प्रखंड के बीडीओ विकास योजनाओं पर नजर रखते हुए काम को धरातल पर उतारने में सहयोग करेंगे.
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