बिहार सरकार का बड़ा प्लान: इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में बढ़ेगा प्लेसमेंट, मिशन मोड में काम शुरू

Published by :Abhinandan Pandey
Published at :28 Apr 2026 5:27 PM (IST)
विज्ञापन
vijay kumar choudhary

विजय कुमार चौधरी की फाइल फोटो

Bihar News: बिहार सरकार इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम करेगी. डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने प्लेसमेंट सेल मजबूत करने, एनबीए मान्यता लेने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया है.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार में इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए सरकार अब मिशन मोड में काम करेगी. यह बात डिप्टी सीएम और विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में कही.

बैठक में विभाग की योजनाओं, कॉलेजों की स्थिति, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षकों की नियुक्ति और साइंस सिटी व तारामंडल की प्रगति की समीक्षा की गई. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना जरूरी है .

प्लेसमेंट सेल को मजबूत करने का निर्देश

डिप्टी सीएम ने सभी इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्लेसमेंट सेल को मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि छात्रों को बेहतर नौकरी के अवसर मिले, इसके लिए संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी जरूरी है.

एनबीए एक्रेडिटेशन पर जोर

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी सरकारी तकनीकी संस्थान National Board of Accreditation (NBA) से मान्यता लेने के लिए आवेदन करें. इसके लिए विभाग स्तर पर एक अलग सेल बनाने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया.

छात्रों की देखभाल और ‘यंग प्रोफेशनल्स’ की नियुक्ति

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की बेहतर देखभाल की जाए और उनके अभिभावकों से मिले सुझावों पर भी काम किया जाए. साथ ही, संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति पर भी काम चल रहा है.

तारामंडल और साइंस सिटी में नवाचार

बैठक में तारामंडल और साइंस सिटी को और बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई.
उन्होंने निर्देश दिया कि नई तकनीकों का उपयोग कर वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाई जाए और रिसर्च संस्थानों के साथ समन्वय किया जाए.

क्या है एनबीए एक्रेडिटेशन प्रक्रिया?

एनबीए एक्रेडिटेशन के लिए संस्थानों को पहले ‘प्री-क्वालीफायर’ और ‘सेल्फ अप्रैजल रिपोर्ट’ भरनी होती है. इसके बाद विशेषज्ञ टीम कॉलेज का निरीक्षण करती है और सही पाए जाने पर मान्यता दी जाती है, जिससे संस्थान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है.

बैठक में विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सरकार का मानना है कि इन कदमों से तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के प्लेसमेंट में सुधार होगा.

(पटना से प्रहलाद कुमार की रिपोर्ट)

Written By: रागिनी शर्मा

Also Read: पटना मरीन ड्राइव पर बनेगा एंटरटेनमेंट और किड्स जोन, दो फेज में होगा निर्माण, सेल्फी पॉइंट भी होंगे तैयार

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन