कामडारा बीडीओ समेत 18 कर्मियों का वेतन रोका

Published at :24 Dec 2016 8:34 AM (IST)
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कामडारा बीडीओ समेत 18 कर्मियों का वेतन रोका

डीसी श्रवण साय दिन के 4.25 बजे अचानक प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे. अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक गायब मिले. डीसी ने उपस्थिति पंजी में हाजिरी काटते हुए वेतन रोका. स्पष्टीकरण में सही जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई. गुमला : गुमला डीसी श्रवण साय ने शुक्रवार को कामडारा बीडीओ व बीपीओ समेत 18 कर्मचारियों […]

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डीसी श्रवण साय दिन के 4.25 बजे अचानक प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे. अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक गायब मिले. डीसी ने उपस्थिति पंजी में हाजिरी काटते हुए वेतन रोका. स्पष्टीकरण में सही जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई.
गुमला : गुमला डीसी श्रवण साय ने शुक्रवार को कामडारा बीडीओ व बीपीओ समेत 18 कर्मचारियों के वेतन पर रोक लगा दी है. सभी की एक दिन की हाजिरी भी काट दी गयी है. स्पष्टीकरण मांगा गया है. सही जवाब नहीं मिलने पर डीसी ने कार्रवाई करने की बात कही है. डीसी श्रवण साय के गुमला में अबतक के कार्यकाल की सबसे बड़ी कार्रवाई है. डीसी ने कहा है : ब्लॉक से गायब रहना घोर लापरवाही है. स्पष्टीकरण मांगा है. सही जवाब नहीं मिला, तो कार्रवाई के लिए सरकार को पत्र लिखेंगे.
ब्लॉक व अंचल में सन्नाटा पसरा था
डीसी शुक्रवार को बसिया प्रखंड के दौरे पर थे. साथ में एसपी चंदन कुमार झा, डीआरडीए निदेशक नयनतारा केरकेट्टा थीं. 4.00 बजे तक डीसी अन्य अधिकारियों के साथ बसिया में रहे.
इसके बाद वे 4.00 बजे कामडारा प्रखंड के लिए रवाना हुए. 4.25 बजे डीसी अचानक कामडारा प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचे. वहां का नजारा देख डीसी अचंभित हो गये. कार्यालय में सन्नाटा था. कई कार्यालय में ताला लटक रहा था. कुछ अधिकारी व कर्मचारी मिले, लेकिन जब डीसी ने उपस्थिति पंजी की जांच की और हाजिरी लेना शुरू किया, तो बीडीओ सुजाता कुजूर, बीपीओ रेणुका किंडो, प्रधान लिपिक कलीमुद्दीन अंसारी, नाजीर रजाबुल अंसारी समेत 18 कर्मचारी गायब मिले. ब्लॉक के 14 व अंचल के चार अधिकारी कर्मचारी नहीं थे. डीसी ने तुरंत सभी की हाजिरी काटते हुए वेतन पर रोक लगा दी. साथ ही उन्होंने दो दिन के अंदर लिखित में स्पष्टीकरण मांगा है.
नियम कहता है : ब्लॉक नहीं छोड़ना है
सरकारी नियम कहता है. अधिकारी व कर्मचारी को ब्लॉक में रहना है. इसके लिए सभी को क्वार्टर उपलब्ध कराया गया है. जिनके पास क्वार्टर नहीं है और किराये के मकान में रहते हैं, उन्हें सरकार पैसा देती है.
लेकिन कामडारा के अलावा रांची से सटे गुमला जिले के प्रखंडों के अधिकारी व कर्मचारियों का रहने का खेल अलग ही है. शाम चार बजते ही अधिकारी व कर्मचारी प्रखंड मुख्यालय छोड़ देते हैं. सभी रांची में रहते हैं और वहीं से आना-जाना करते हैं, जबकि डीसी के माध्यम से पहले ही लिखित आदेश निकला है. सरकार का भी आदेश है. अधिकारी व कर्मचारी ब्लॉक नहीं छोड़ेंगे. अगर छोड़ेंगे, तो इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को देंगे, लेकिन गुमला में भागने का खेल चल रहा है.
चैनपुर में भी कार्रवाई हो चुकी है
हाकिम साहब (डीसी) अब गंभीर हो गये हैं. अधिकारियों की कार्यप्रणाली को देखते हुए वे अब कार्रवाई की चाबुक चलाने लगे हैं. अभी दो दिन पहले इसी प्रकार डीसी ने चैनपुर प्रखंड का औचक निरीक्षण किया. वहां भी सीडीपीओ समेत नौ कर्मचारी गायब मिले. डीसी उन लोगों की भी हाजिरी काटते हुए वेतन पर रोक चुके हैं. इधर, नया ताजातरीन मामला कामडारा प्रखंड का है.
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