न मुआवजा मिल रहा, न नौकरी

Published at :08 Jun 2016 7:23 AM (IST)
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न मुआवजा मिल रहा, न नौकरी

उपायुक्त के जनता दरबार में फरियादियों ने रखी समस्याएं गुमला :उपायुक्त ने मंगलवार को जनता दरबार लगाया, जहां विभिन्न क्षेत्रों से फरियादी पहुंचे और अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन उपायुक्त को सौंपा़ उग्रवादी हिंसा में मारे गये लोगों के परिजन भी पहुंचे और मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग की़ गुमला जिले के विभिन्न […]

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उपायुक्त के जनता दरबार में फरियादियों ने रखी समस्याएं
गुमला :उपायुक्त ने मंगलवार को जनता दरबार लगाया, जहां विभिन्न क्षेत्रों से फरियादी पहुंचे और अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन उपायुक्त को सौंपा़ उग्रवादी हिंसा में मारे गये लोगों के परिजन भी पहुंचे और मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग की़
गुमला जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उग्रवादी हिंसा में मारे गये मृतकों के परिजन मुआवजा व सरकारी सहायता की मांग को लेकर सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाने को विवश हैं. इसके बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. परिजन जब अधिकारी के पास अपनी समस्या रख रहे हैं, तब उन्हें सिवाय आश्वासन के कुछ भी नहीं मिल रहा है.
इसी तरह का मामला मंगलवार को डीसी के जनता दरबार में पहुंचा़ उग्रवादी हिंसा में मारे गये कामडारा थाना क्षेत्र के स्व गणेश सिंह का पुत्र पवन कुमार सिंह, बसिया थाना क्षेत्र के रामजड़ी निवासी स्व लक्ष्मण कंसारी की पत्नी सविता देवी तथा बसिया थाना क्षेत्र के गुड़ाम में मारे गये चार मजदूरों के परिजन जनता दरबार पहुंचे़ उपायुक्त को आवेदन सौंप कर मुआवजा राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की़
ज्ञात हो कि 29 जून 2006 को उग्रवादियों ने गणेश सिंह, दो नवंबर 2013 में लक्ष्मण कंसारी और 17 मार्च 2016 को कोनवीर से सुकरडा तक पथ निर्माण कार्य में लगे चार मजदूरों की उग्रवादियों ने हत्या कर दी थी. इधर, जनता दरबार में आवेदन देने के बाद आश्रितों ने बताया कि प्रशासन द्वारा मुआवजा और सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक न तो मुआवजा मिला है और न ही सरकारी नौकरी ही मिली है. घर की माली हालत भी ठीक नहीं है. यदि मुआवजा व सरकारी नौकरी मिल जाती है, तो परिवार का गुजारा चलाने में सुविधा होगी.
रिपोर्ट आते ही शुरू होगी प्रक्रिया : डीसी
आश्रितों की बात सुनने के बाद डीसी श्रवण साय ने कहा कि पुलिस विभाग की ओर से अभी तक रिपोर्ट नहीं आयी है. बिना रिपोर्ट के हम कुछ कर भी नहीं सकते हैं. रिपोर्ट जैसे ही आती है, वैसे ही मुआवजा व नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी़
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