लीड :7::: डहरबाटी नाला से खुशहाली आयेगी

लीड :7::: डहरबाटी नाला से खुशहाली आयेगी फोटो- एलडीजीए-1 श्रमदान करते ग्रामीण, एलडीजीए-2 डहरबाटी नाला. लोहरदगा. लोहरदगा जिला के किस्को प्रखंड में स्थित डहरबाटी योजना की स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र में हर्ष का माहौल है. इस योजना के क्रियान्वयन की मांग काफी लंबे समय से हो रही थी. तत्कालीन विधायक कमल किशोर भगत ने […]
लीड :7::: डहरबाटी नाला से खुशहाली आयेगी फोटो- एलडीजीए-1 श्रमदान करते ग्रामीण, एलडीजीए-2 डहरबाटी नाला. लोहरदगा. लोहरदगा जिला के किस्को प्रखंड में स्थित डहरबाटी योजना की स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र में हर्ष का माहौल है. इस योजना के क्रियान्वयन की मांग काफी लंबे समय से हो रही थी. तत्कालीन विधायक कमल किशोर भगत ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए इस विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया था. सरकार ने वादा किया कि इस योजना के महत्व एवं किसानों के हित के लिए इसे स्वीकृति दी जायेगी. जल संसाधन मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी ने भी इसे पूरा करने का वादा किया था. मंत्री ने अपना वादा पूरा करने करते हुए डहरबाटी योजना के लिए 47.96 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी. इस योजना के पूरा हो जाने से 968.14 हेक्टेयर भूमि पर खरीफ एवं 900 हेक्टेयर भूमि पर रबी फसल की सिंचाई हो सकेगी. क्षेत्र में हरियाली के साथ-साथ खुशहाली भी आयेगी. इस योजना के तहत डहरबाटी नाला पर एक बांध बनाया जायेगा. जिसकी लंबाई 196.35 मीटर एवं नदी तल से उंचाई 20.50 मीटर होगी. बांध के ऊपरी सतह की चौड़ाई 6.20 मीटर और स्पीलवे की लंबाई 23 मीटर होगी. डीआइ पाइप के जरिये लगभग आठ किमी तक पानी खेतों की सिंचाई के लिए पहुंचाया जायेगा. जानकारी के अनुसार यह योजना इसी वित्तीय वर्ष में शुरू होगी. वित्तीय वर्ष 2018-19 तक इसे पूरा कर लिया जायेगा. जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता इसके नियंत्रण पदाधिकारी होंगे और जल पथ प्रमंडल रांची के कार्यपालक अभियंता निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी होंगे. किसानों को होगा लाभसिंचाई सुविधा के मामले में लोहरदगा जिला एक पिछड़ा जिला है. जमीन समतल नहीं होने के कारण यहां किसानों को परेशानी होती है. धान की फसल पूरी तरह वर्षा पर निर्भर करती है. कभी अतिवृष्टि तो कमी अनावृष्टि किसानों की कमर तोड़ देती है. यही कारण है कि इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पलायन करते हैं. इस योजना के क्रियान्वित हो जाने से पलायन एवं उग्रवाद पर भी अंकुश लगेगा. ग्रामीणों ने श्रमदान भी कियाइस क्षेत्र के ग्रामीणों ने नेताओं की वादाखिलाफी से अाजीज आकर खुद श्रमदान से इसकी मरम्मत का काम शुरू किया. बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रमदान किये. राजनीतिक दल के लोगों ने भी इसमें अपना समर्थन दिया. यहां का श्रमदान एक उदाहरण बना. डहरबाटी की स्वीकृति की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गयी. लोगों ने मिठाइयां बांटी, खुशी का इजहार किया.
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