आज भी फॉर्मेसी की पढ़ाई के लिए तरस रहे छात्र

Updated at : 13 Mar 2019 12:29 AM (IST)
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आज भी फॉर्मेसी की पढ़ाई के लिए तरस रहे छात्र

गुमला : झारखंड राज्य में दो राजकीय आयुर्वेदिक फॉर्मेसी कॉलेज है. एक कॉलेज साहेबगंज जिला और दूसरा गुमला जिला में है. लेकिन गुमला में अभी तक कागज में ही कॉलेज संचालित हो रहा है, जबकि सरकार की फाइलों में गुमला में वर्ष 2007 से कॉलेज संचालित है. वर्तमान में गुमला में कॉलेज कहां है, इसकी […]

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गुमला : झारखंड राज्य में दो राजकीय आयुर्वेदिक फॉर्मेसी कॉलेज है. एक कॉलेज साहेबगंज जिला और दूसरा गुमला जिला में है. लेकिन गुमला में अभी तक कागज में ही कॉलेज संचालित हो रहा है, जबकि सरकार की फाइलों में गुमला में वर्ष 2007 से कॉलेज संचालित है. वर्तमान में गुमला में कॉलेज कहां है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है.

यहां तक कि गुमला के अधिकारियों को भी फार्मेसी कॉलेज के बारे में जानकारी नहीं है. जबकि हकीकत यह है कि सरकार ने गुमला में फार्मेसी कॉलेज खोला है, परंतु अभी तक यह चालू नहीं हुआ है. वर्ष 2007 में जब गुमला में कॉलेज खोला गया था, तो शहर से चार किमी दूर चंदाली स्थित पुराने आइबी भवन में यह संचालित था.

उस समय कॉलेज के प्राचार्य भी गुमला में रहते थे. कॉलेज के नाम पर लाखों रुपये के सामग्री की भी खरीद हुई थी. लेकिन उस समय राजकीय आयुर्वेदिक फॉर्मेसी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों की परीक्षा लेने वाले काउंसिल के कार्यरत में नहीं रहने के कारण कॉलेज नहीं शुरू हो सका. वर्ष 2012 से कॉलेज शुरू होने वाला था, परंतु अभी तक कॉलेज शुरू नहीं हुआ. कॉलेज के नाम पर सिर्फ पांच एकड़ 34 डिसमिल जमीन उपलब्ध हो पायी है.

सिलम घाटी के समीप जिला प्रशासन ने कॉलेज बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करा दी है, परंतु अभी तक भवन नहीं बना है. जबकि कॉलेज का भवन बनाने के लिए सरकार से गुमला प्रशासन को 58 लाख रुपये भी आवंटित हुआ है, लेकिन सरकारी फाइलों तक ही कॉलेज सिमटता नजर आ रहा है. गुमला में वर्ष 2007 में ही कॉलेज खुल गया था, लेकिन सरकार की अनदेखी के कारण इसे चालू नहीं किया गया. नतीजा लाखों रुपये का सामान चंदाली स्थित आइबी भवन में बेकार पड़ा हुआ है.

एक सरकारी कर्मी के जिम्मे लाखों रुपये का सामान है. 2008 में भी कॉलेज के नाम पर लाखों रुपये की सामग्री मिली, जिसे गोदाम में रख दिया गया था. वर्ष 2008 से अबतक यहां तीन प्राचार्य डॉक्टर सुनाराम मांझी, मनोज कुमार व डॉक्टर शक्तिनाथ झा का पदस्थापन हो चुका है, लेकिन ये लोग रांची में रहते हैं.

अब गुमला के लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर झारखंड राज्य का दूसरा आयुर्वेदिक फार्मेसी कॉलेज कहां चला गया. गुमला में अभी तक कॉलेज शुरू नहीं होना बड़ा सवाल बन गया है. गुमला जिले के अधिकारी भी इस कॉलेज से अनभिज्ञ हैं. अगर यह कॉलेज गुमला में खुलता है, तो गुमला के युवाओं को काफी लाभ होगा, परंतु इसपर किसी का ध्यान नहीं है.

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