खड़िया समाज के लोगों ने बंदोई पूर्व संध्या मनाया

Updated at : 19 Nov 2018 2:29 AM (IST)
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खड़िया समाज के लोगों ने बंदोई पूर्व संध्या मनाया

गुमला : अखिल भारतीय खड़िया विकास समिति जिला गुमला के तत्वावधान में रविवार को लकड़ी डीपा पालकोट रोड गुमला में बंदोई पूर्व संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के चिह्न झंडा (नौ झंडा) के समीप पूजा एवं मधु पहान द्वारा बंदोई पूजा कराने के साथ हुआ. मौके पर मुख्य अतिथि वीर […]

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गुमला : अखिल भारतीय खड़िया विकास समिति जिला गुमला के तत्वावधान में रविवार को लकड़ी डीपा पालकोट रोड गुमला में बंदोई पूर्व संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के चिह्न झंडा (नौ झंडा) के समीप पूजा एवं मधु पहान द्वारा बंदोई पूजा कराने के साथ हुआ.
मौके पर मुख्य अतिथि वीर शहीद तेलंगा खड़िया स्मारक जिला समिति सिमडेगा के अध्यक्ष मतियस कुल्लू ने कहा कि हमारे पर्व -त्योहार हमारे पूर्वजों की देन है. जो कुछ दिन, महीने या कुछ साल से नहीं, बल्कि प्राचीनकाल से चली आ रही है. हमारी भाषा और कला-संस्कृति. ये सभी हमें हमारे पूर्वजों से मिली है. इन सभी चीजों को हम सब को मिल कर अक्षुण्ण बनाये रखना है.
परंतु यह तभी संभव है. जब हम लोग एकजूट रहेंगे. हमारी एकजुटता, हमारी भाषा और हमारी कला-संस्कृति ही हमारी पहचान है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देखा जा रहा है कि हमारे समाज के लोगों में शिक्षा का अभाव है. नशापान के गिरफ्त में फंसे हैं और सामाजिक कुरीतियों के जाल में जकड़े हैं. हमारे समाज के लोगों को इससे बाहर निकलना होगा.
नशापान का त्याग करना होगा. शिक्षा से नाता जोड़ना होगा और समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करना होगा. तभी हमारे समाज का चहुंमुखी विकास होगा. खड़िया विकास समिति गुमला के जिला अध्यक्ष बिशु सोरेंग ने कहा कि हमारे समाज में युवाओं की कमी नहीं है. समाज को आगे ले जाने और चहुंमुखी विकास के लिए युवा आगे आयें.
उन्होंने कहा कि हमारे समाज की भाषा, कला-संस्कृति व परंपरा को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए समाज द्वारा इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. युवा वर्ग ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभायें. ताकि वे समाज की व्यवस्था को समझ सके और आगे बढ़ा सके. प्रोफेसर लोतेम डुंगडुंग ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि हमारा एक अलग समाज है. हमारी एक अलग पहचान है. परंतु हमारी पहचान पर ग्रहण लगता जा रहा है.
अब वक्त आ गया है कि हम अपनी पहचान को समाज में सशक्त ढंग से रखें. इसके लिए समाज के सभी लोग अपने-अपने बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यालय जरूर भेजें. जो समाज शिक्षित होता है. वही समाज विकसित होता है. संकल्प लें कि शिक्षा को अपना हथियार और ढाल बना कर आगे बढ़ेंगे. मौके पर सुशीला सोरेंग, बसंत सोरेंग, प्रोफेसर किशोर केरकेट्टा, जेम्स पी केरकेट्टा, इसराइल बा, यूजिन इंदवार, प्रेम बा, स्टेफन कुल्लू, सुनील कुल्लू, ब्रिस इंदवार, कार्तिक खड़िया, शांति खड़िया, राजेश खड़िया, हंदु खड़िया, दिनेश खड़िया, शिरोमिण बिलुंग, मुनी खड़िया, कलावती खड़िया, सुनीता किंडो, सरोज खड़िया, बालगोविंद खड़िया, सुषमा खड़िया, अनुज सोरेंग, प्रोफेसर जीतवाहन खड़िया, चामीन खड़िया, सुशीला सोरेंग सहित काफी संख्या में खड़िया समाज के लोग मौजूद थे.
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