गुमला : पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग झारखंड रांची खंडपीठ के सदस्य के रूप में अध्यक्ष न्यायमूर्ति लोकनाथ प्रसाद व सदस्य सचिव जॉन लकड़ा की संयुक्त अध्यक्षता में समाज के प्रबुद्ध व समाज के प्रतिनिधियों के साथ परिसदन गुमला के सभागार में बैठक हुई. बैठक में गोप, ग्वाला, अहीर, यादव, सदगोप, घासी, मगधा समाज के लोगों की जीवन शैली, उनके रहन-सहन एवं पेशा के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी.
गोप, ग्वाला, अहीर, यादव, सदगोप, घासी, मगधा जाति को पिछड़े वर्गों की सूची (अनुसूची-1) में शामिल करने संबंधी विषयों पर लोगों ने अपने-अपने विचार रखे. बैठक में न्यायमूर्ति लोकनाथ प्रसाद ने समाज से जुड़े लोगों के खतियानी होने, उनकी संख्या जिला के किस क्षेत्र में ज्यादा है, उनकी पारंपरिक पेशा, उनकी जीविका के साधन, उनकी शिक्षा एवं अन्य सुविधाओं के बारे में जाना. उन्होंने समाज के सभी बच्चों को विद्यालय भेजने एवं उन्हें पढ़ाने-लिखाने के लिए उपस्थित लोगों को प्रोत्साहित करने को कहा. सेवानिवृत्त प्रोफेसर भूषण महतो ने अहीर जाति/समाज के लोगों की पेशा/जीविका के बारे में विस्तार से बताया.
शिक्षक रामबालक गोप ने कहा समाज में थोड़ा बहुत जागरूकता आया है, परंतु बच्चों को सरकारी विद्यालयों में ड्रेस, छात्रवृत्ति व किताब आदि की सुविधा मिलने के बाद भी स्कूल नहीं जाते हैं. उन्होंने कहा तरी, फसिया पोढ़टोली गांव में भ्रमण कर बच्चों का नामांकन कराया गया गया है, परंतु बच्चे विद्यालय में नियमित नहीं आते हैं. बैठक में प्रोजेक्ट डायरेक्टर कृष्ण किशोर, जिला योजना पदाधिकारी अरुण कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण कन्हैया राजहंस, प्रखंड विकास पदाधिकारी शंकर एक्का सहित अन्य मौजूद थे.
