मनरेगा के कार्यों में हुई भारी गड़बड़ी

Published at :04 Jul 2017 12:45 PM (IST)
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मनरेगा के कार्यों में हुई भारी गड़बड़ी

गुमला : मनरेगा के तहत जिले में क्रियान्वित होने वाली योजनाओं में किस प्रकार की धांधली चल रही है, इसका खुलासा सोमवार को जिला प्रशासन के तत्वावधान में गुमला के नगर भवन में आयोजित मनरेगा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 के सामाजिक अंकेक्षण के जिला स्तरीय जनसंवाद कार्यक्रम में हुआ. जिले के सभी प्रखंडों में मनरेगा […]

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गुमला : मनरेगा के तहत जिले में क्रियान्वित होने वाली योजनाओं में किस प्रकार की धांधली चल रही है, इसका खुलासा सोमवार को जिला प्रशासन के तत्वावधान में गुमला के नगर भवन में आयोजित मनरेगा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 के सामाजिक अंकेक्षण के जिला स्तरीय जनसंवाद कार्यक्रम में हुआ. जिले के सभी प्रखंडों में मनरेगा से क्रियान्वित होने वाली कई योजनाओं में अनियमितता बरती गयी है. साथ ही राशि की हेराफेरी की गयी है. मनरेगा के कार्यों के अंकेक्षण के लिए स्टेट की टीम आयी थी. टीम में स्टेट कंसलटेटर उज्ज्वल कुमार व संजय कुमार शामिल थे. उज्ज्वल कुमार ने मनरेगा के सामाजिक अंकेक्षण क्यों जरूरी है के बारे में जानकारी दी.

वहीं संजय कुमार ने मनरेगा की योजना में त्रुटियों के बारे में जब संबंधित प्रखंड के बीडीओ व बीपीओ से पूछताछ की, तो कई बीडीओ व बीपीओ के पसीने छूटने लगे. मौके पर उपविकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता नयनतारा केरकेट्टा, जिला परिषद उपाध्यक्ष केडी सिंह, मनरेगा एपीओ रजनीकांत सहित जिले के सभी प्रखंडों के बीडीओ, बीपीओ, जेइ, पंसे, रोसे, जिला परिषद सदस्य, प्रमुख व मुखिया सहित अन्य उपस्थित थे.

जारी : बिना काम किये मजदूरी का भुगतान

सामाजिक अंकेक्षण के जनसंवाद में सबसे पहले जारी प्रखंड की बारी आयी. जिसमें संजय कुमार ने जारी प्रखंड में कूप निर्माण में फरजी भुगतान का मामला उठाया. बताया कि कूप निर्माण में इग्नेश तिग्गा व महेंद्र लुहार ने काम नहीं किया है, लेकिन प्रखंड मुख्यालय में तैयार किये गये दस्तावेज के अनुसार दोनों को मजदूरी भुगतान किया गया है. दोनों पत्थर भट्ठा में पत्थर तोड़ने का काम करते हैं. संजय ने बताया कि दोनों मजदूरों से बात भी की गयी है, जिसमें दोनों ने उपविकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा के समक्ष कूप निर्माण में काम नहीं करने की बात स्वीकार की है. इस पर बीपीओ ने स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि दोनों ने योजना में अनसाइज पत्थरों को साइज करने का काम किया है. इस पर संजय कुमार ने बीपीओ से उन दोनों के काम करने के किसी भी प्रकार का साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन बीपीओ साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा पाये. इसी प्रकार संजय कुमार ने मजदूरी भुगतान में देरी, गलत एमबी बनाने का मामले भी उठाया.

बिशनुपुर : योजना स्थल पर लाभुक की योजना दिखती नहीं

बिशुनपुर प्रखंड के सामाजिक अंकेक्षण में श्री संजय ने नरमा पंचायत में लाभुक नंदेश्वर नगेशिया के तालाब निर्माण का मामला उठाया. बताया कि अब तक लाभुक का तालाब का काम शुरू नहीं हुआ है, लेकिन काम शुरू दिखाया जा रहा है. इस दौरान श्री संजय ने मौके पर उपस्थित नरमा क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य से भी मामले की जानकारी ली. इस पर सदस्य ने बताया कि वह अक्सर क्षेत्र के दौरे पर रहती है, लेकिन लाभुक नंदेश्वर का तालाब कहीं दिखा नहीं. संजय ने बताया कि कार्यस्थल पर किसी प्रकार का कार्य नहीं, लेकिन प्रखंड मुख्यालय में तैयार किये गये दस्तावेज के अनुसार काम शुरू है. इसी प्रकार प्रखंडवार बसिया, कामडारा, घाघरा, भरनो, सिसई, रायडीह, पालकोट व गुमला प्रखंड के मनरेगा के कार्यों का भी अंकेक्षण किया, जिसमें कई योजनाओं में त्रुटियां पायी गयी.

डुमरी : बीडीओ व बीपीओ को देना होगा फाइन

डुमरी प्रखंड के सामाजिक अंकेक्षण में संजय कुमार ने बताया कि कई योजनाओं का दस्तावेज नहीं है. एक मामले में एक गांव में ग्रामसभा हुई, तो ग्रामसभा ने दस्तावेज पंचायत में जमा कराने की बात कही गयी, लेकिन अब तक किसी प्रकार का दस्तावेज जमा नहीं किया गया. श्री संजय ने बताया कि मनरेगा एक्ट के तहत एक दस्तावेज का एक हजार रुपया फाइन देना है. बीडीओ और बीपीओ को भी फाइन देना होगा. वहीं अखबार में लगी खबर धरातल से योजना गायब का मामला भी उठाया. बताया कि योजना का लाभुक लहरू तुरी है, लेकिन योजना स्थल पर तालाब नहीं, बल्कि धान खेत गड्ढा है. मनरेगा से बनने वाले कई तालाब भी अधूरा है.

चैनपुर : निर्णय के बाद भी कार्रवाई नहीं

चैनपुर के अंकेक्षण में संजय कुमार ने जेइ व पंसे के फील्ड में नहीं जाने की ग्रामीणों द्वारा की गयी शिकायत की जानकारी दी. कहा कि इस मामले में जेइ व पंसे पर कार्रवाई होनी थी. जेइ व पंसे के फील्ड नहीं जाने के कारण कई योजनाएं अधूरी है. जेइ व पंसे पर कार्रवाई का निर्णय ग्रामसभा में लिया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. इस सवाल के जवाब में चैनपुर बीडीओ व बीपीओ सही से जानकारी नहीं दे पाये. लेकिन एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसी प्रकार संजय कुमार ने योजना स्थल पर बोर्ड नहीं लगाने, दरवाजा आपूर्ति में सरकारी राशि का गबन करने, सामग्री आपूर्ति में हेराफेरी व मजदूरी भुगतान नहीं होने की शिकायत के मामले को भी उजागर किया.

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