सरकार भले ही हर रोज ग्रामीण सड़क को मुख्य सड़क से जोड़ने की बात करती है. परंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. इसका जीता-जागता उदाहरण है बसंतराय प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत साॅंचपुर सांखी की है. यहां दो पंचायतों को जोड़ने वाली सड़क को प्रशासन हो या पंचायत प्रतिनिधि, किसी ने भी आज तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की. इस सड़क के निर्माण नहीं होने का गांव वासियों के चेहरे पर दर्द साफ महसूस किया जा सकता है. मालूम हो कि ग्राम पंचायत सांचपुर सांखी और कैथिया पंचायत के गोपीचक गांव के ग्रामीणों का कब्रिस्तान साहपुर गांव में पड़ता है. इन दोनों गांवों में किसी के निधन होने पर सड़क नहीं होने की वजह से जनाजा को ले जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वहीं बरसात के मौसम में तो और भी कई मुश्किलों से गुजरना पड़ता है. इन दोनों गांव की आबादी लगभग सात हजार की है. इसके बावजूद किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान उस ओर नहीं गया है. चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं और सड़क बनाने को लेकर वादे भी करते हैं. मगर चुनाव जीतने के बाद गांव के ग्रामीणों के साथ किये वादे भूल जाते हैं. स्थानीय ग्रामीण मास्टर मो खुर्शीद आलम, मो नेजाम, मो इम्तियाज, मो सफीक, मो नसीम, मो जुल्फकार, मो मुख्तार आलम, मो जैनुल, मो अबरार आलम, महबूब आलम, मुंतसिर, मो तकसीम, मो जावेद आदि ने बताया कि कई दशकों से इस समस्या से जूझ रहे थे. इन दो गांवों के सभी ग्रामीणों ने मिलकर जमीन के समस्या का निदान कर श्रमदान कर लगभग डेढ़ किलोमीटर सड़क ग्रामीणों ने आपस में तीन सौ रुपया चंदा कर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. इस सड़क का निर्माण होने से अब किसी भी जनाजे को ले जाने में अब कोई परेशानी नहीं होगी.
पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों ने दिया चंदा
ग्रामीणों ने आगे बताया कि सड़क निर्माण कार्य में कई लाखों का खर्चा आएगा. इस संबंध में स्थानीय विधायक और जिला उपायुक्त से मदद की उम्मीद भी की है. पंचायत प्रतिनिधि भी श्रमदान से किये जा रहे सड़क निर्माण कार्य में दिखे. ग्रामीणों के साथ हौसला बढ़ाने के लिए जिप सदस्य मो एहतेशामुल हक ने पांच हजार रुपये नकद राशि, मुखिया मो शहबाज आलम ने तीन हजार रुपये नकद राशि, पंसस प्रतिनिधि मो एयुब उर्फ श्रगुन ने भी तीन हजार रुपये नकद दिया. मौके पर जिप सदस्य मो एहतेशामुल हक ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है, काफी दिनों से ग्रामीणों के बीच जमीन दान देने को लेकर प्रयास कर रहे थे और आज जमीन दाताओं ने अपनी जमीन दान देकर एक मिशाल कायम किया है. हमारा प्रयास रहेगा कि कच्ची सड़क बनने के बाद पक्की सड़क का निर्माण जल्द ही हो जाये.इन लोगों ने दी दान में अपनी जमीन
मो मोसीम, मो नसीम, मो अब्बास, मो महमूद, मो शहबाज आलम, मो सलीम, मो मंसूर, मो अख्तर, मो निजामुद्दीन, मो आजाद, मो मुस्तफा, राजकिशोर मुर्मू, देवी लाल, तिलक मास्टर, तेज नारायण मुर्मू शामिल है.
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