बोआरीजोर प्रखंड के लौहंडिया बाजार दुर्गा मंदिर में मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा अर्चना की गयी. इस दौरान पंडित पंकज चतुर्वेदी एवं ग्रामीणों द्वारा गाजे-बाजे के साथ बेल के वृक्ष पास पहुंचकर माता की प्रतिमा को मंदिर लाकर विधि-विधान से स्थापित किया गया. सातवें रूप के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालु द्वारा झाड़ू दिया गया. इस अवसर पर मंदिर परिसर में सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच कर माता से क्षेत्र एवं गांव में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की और मां का पट भी विधि-विधान से खोला गया. पट खुलते ही मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु की भीड़ उमड़ पड़ी. पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि विजयादशमी के दिन मंदिर परिसर में भव्य मेला का आयोजन किया जाएगा.
पट खुलते ही माता रानी के दर्शन को जुटी श्रद्धालुओं की भीड़
मेहरमा प्रखंड क्षेत्र में चैती नवरात्र को लेकर गुरुवार की देर माता रानी की प्रतिमा स्थापित की गयी. पट खुलते ही माता रानी के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. बताते चलें कि प्रखंड क्षेत्र में चैती दुर्गा पूजा को लेकर प्रखंड क्षेत्र भक्तिमय है. वहीं गुरुवार की देर रात माता रानी की प्रतिमा को स्थापित करने के दौरान मूर्तिकार को पंडितों ने विधिवत पूजा-अर्चना कराकर माता रानी को नेत्र देने के दौरान माता रानी का पट खुल गया. शुक्रवार की सुबह माता रानी का पट खुलने के दौरान अमौर दुर्गा मंदिर, दरियापुर दुर्गा मंदिर, खट्ठी दुर्गा मंदिर व मेहरमा दुर्गा मंदिर में माता रानी के दर्शन को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. वहीं अमौर दुर्गा मंदिर में पंडित ललन झा द्वारा यजमान नवनीत कुमार पत्नी मोनिका सिन्हा, दरियापुर दुर्गा मंदिर में पंडित हिमांशु उपाध्याय द्वारा यजमान रवि सिंह पत्नी शीलू सिंह, खट्ठी दुर्गा मंदिर में पंडित रजनीश झा द्वारा यजमान विनय कापरी पत्नी सीता देवी को विधिवत माता कालरात्रि की पूजा अर्चना करायी गयी. वहीं अमौर दुर्गा मंदिर में साहिबगंज के मूर्तिकार द्वारा बनाये गये भव्य प्रतिमा को देखने के लिए लोगों की तांता लगा हुआ था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

