महिला उत्पीड़न रोकने के लिए बने ठोस कानून, ग्रामीणों को जागरूक करने की जरूरत

Updated at : 15 Apr 2025 11:48 PM (IST)
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महिला उत्पीड़न रोकने के लिए बने ठोस कानून, ग्रामीणों को जागरूक करने की जरूरत

प्रभात खबर महिला संवाद में एसएचजी से जुड़ी महिलाओं ने उठायी आवाजमहिला संवाद

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पोड़ैयाहाट. पोड़ैयाहाट प्रखंड के सभा भवन में प्रभात खबर की ओर से महिला संवाद का आयोजन किया गया. एसएचजी की महिलाओं के बीच आयोजित संवाद में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार एवं उनकी सुरक्षा को लेकर दीदियों ने कई सुझाव दिये. कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी अर्चना देवी ने की. इसय दौरान महिलाओं ने कहा कि आज महिलाओं के साथ बाहर से लेकर घर में भी हिंसा हो रही है. सबसे अधिक बुरा हाल घरेलू हिंसा को लेकर है. महिलाओं का कहना था कि आये दिन हो रहे उत्पीड़न व हिंसक घटनाओं से महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही है. इसे रोकने के लिए ग्रामीण स्तर पर जागरुकता अभियान चलाना चाहिए. घरेलू हिंसा के अपराधियों और यौन अपराधियों के लिए को सख्त सजा मिलनी चाहिए. इसको लेकर ठोस कानून बनाने की जरूरत है. ताकि सामाजिक स्तर पर महिलाओं के साथ हो रही उत्पीड़न की घटनाएं कम हो सके. महिलाओं ने सुरक्षा पर कई सवाल उठाये. महिलाओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं रखी. महिलाओं ने अपने विचार साझा करते अत्याचार एवं उनकी सुरक्षा की मांग पर बल दिया. कार्यक्रम का संचालन प्रतिनिधि रवि ठाकुर ने किया. क्या कहतीं हैं महिलाएं महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है. घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए. केंद्र व राज्य सरकार को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है. – अर्चना देवी, समाजसेवी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा. ताकि महिलाएं अपने अधिकारों की रक्षा कर सकेंगी. इस वजह से महिला हिंसा में कमी आ सकती है. -दोरथी सोरेन, मुखिया महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ सशक्त बनाने की जरूरत है. इस मामले में हमें निरंतर प्रयास करने की जरूरत है. ताकि महिलाएं अपनी सुरक्षा कर पायें. –रूपा कुमारी, छात्रा घरेलू हिंसा के शिकार महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए कानूनी सहायता प्रदान किया जाना चाहिए. पुलिस व प्रशासन को भी इस दिशा में संवेदनशील होने की जरूरत है. जागरुकता अभियान चले. – मौसम कुमारी, महिला कार्यकर्ता एकता महिला विकास मंच से जोड़ कर कई महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया. कई ऐसे मामले हैं. जब महिलाओं का कई बड़ा मामला सामने आने पर उसका समाधान किया जा सके. – अनीता देवी , सदस्य, एकता विकास मंच “हमें अपने बच्चों को शिक्षा और नैतिक मूल्यों के साथ-साथ महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना भी सिखानी चाहिये. इसी संस्कार की वजह से महिला हिंसा में कमी आयेगी.,, – मणिजान बीबी , घरेलू हिंसा के शिकार महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान करना आवश्यक है. उनके साथ समाज को खड़े रह कर सहयोग करना चाहिए. लोगों का महिला के प्रति नजरिया बदले. – प्रतिमा देवी महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के साथ सुरक्षा के प्रति जागरूक होने की जरूरत है. हमें अपने अधिकारों के लिए सदैव लड़ने की जरूरत है. महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल होनी चाहिए. – घिरिया देवी महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए सख्त व कानून को प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता है. महिला शिक्षा को बढ़वा देने की जरूरत है. इसके लिए सामाजिक स्तर पर पहल होनी चाहिए. – सुकुरमुनि मुर्मू

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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