बिजली कटौती से गोड्डा के लोग परेशान, सिर्फ 11 मेगावाट की हो रही आपूर्ति

Updated at : 16 Jun 2024 10:41 PM (IST)
विज्ञापन
Bihar

Bihar (सांकेतिक)

गोड्डा जिले के शहरवासी बिजली व्यवस्था को लेकर अब कोसने लगे हैं. रात में भी कई घंटे बिजली नदारद रहती है, ऐसे में शहरवासी बिजली के अभाव में रातजगा करने को विवश हैं.

विज्ञापन

गोड्डा: एक तरफ गर्मी का सितम व दूसरी तरफ जिलेवासी बिजली की आपूर्ति नहीं रहने की वजह से स्थिति विकराल रूप धारण कर लिया है. जिले में पावर की घोर कटौती ने विकराल रूप धारण कर लिया है. जिले भर में लगातार सप्ताह भर से स्थित बनी हुई है. जिला मुख्यालय में बिजली की वजह से लोगों का बुरा हाल है. जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय को पथरगामा के श्रीपुर ग्रीड से 30-35 मेगावाट की जगह मात्र 10 मेगावाट ही बिजली की आपूर्ति की जा रही है. जिले में बिजली की घोर समस्या है. पावर की कटौती व उमस भरी गर्मी में जीना मुहाल हो गया है.

हाल के दिनों में ठीक बिजली मिल रही थी, वहीं अभी मुश्किल से 12-14 घंटे ही बिजली शहरवासियों को मुहैया करायी जा रही है. ऐसे में गोड्डा के शहरवासी बिजली व्यवस्था को लेकर अब कोसने लगे हैं. रात में भी कई घंटे बिजली नदारद रहती है, ऐसे में शहरवासी बिजली के अभाव में रातजगा करने को विवश है. गर्मी को लेकर और भी परेशानी बढ गयी है. मालूम हो कि जिले में इस बार रिकॉड तोड़ गर्मी पड़ रही है. ऐसे में बिजली पर लोगों का निर्भरता बढ़ना स्वभाविक है. बढ़े हुए गर्मी के कारण ही लोगों ने कुलर, एसी आदि भारी संख्या में लगाया है. ऐसे में बिजली विभाग पर बिजली के उपयोग का लोड भी बढ़ा है.

Also Read: Jharkhand News: गोड्डा, जामताड़ा व पाकुड़ में नई पुलिस लाइन का उद्घाटन जल्द, सीएम चंपाई सोरेन ने की भवन निर्माण योजनाओं की समीक्षा

30 मेगावाट की जगह 10 मेगावाट हो हो रहा सप्लाई

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की देर रात 11 बजे से 10 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जाने लगी. ऐसे में बिजली क्राइसिस होना स्वाभाविक है. श्रीपुर ग्रीड से गोड्डा पावर सब स्टेशन को विभिन्न फीडरों के संचालन के लिए फिलहाल 30-35 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है, जिसमें अकेले शहर के कुल पांच फीडर व गोड्डा पीएसस से सुंदरपहाड़ी व पोड़ैयाहाट के फीडर को बिजली की आपूर्ति की जाती है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हरेक दिन अकेले जिला मुख्यालय को एक साथ सभी पांच फीडर को चलाने के लिए कुल 25-30 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है. जबकि आपूर्ति मात्र 10-11 मेगावाट है. ऐसे में विभाग द्वारा शहर में ही रोटेशन सिस्टम से आपूर्ति की जा रही है. कई फीडरों में एक-डेढ़ घंटे के बाद आपूर्ति की जा रही है. कम पावर के कारण 24 घंटे के बजाय 14-16 घंटे ही आपूर्ति की जा रही है.

तेनुघाट के एक यूनिट में आयी हैं खराबी

श्रीपूर ग्रीड से मिली जानकारी के अनुसार तेनुघाट के एक युनिट में देर शाम खराबी होने से यह समस्या शुरू हो गयी है. इसके कारण सीएलडी की स्थिति बनी हुई है. श्रीपुर ग्रीड को ही संचरण लाइन से कम बिजली की आपूर्ति हो रही है. ऐसे में ग्रीड जिला मुख्यालय को कम बिजली की आपूर्ति कर रहा है. जानकारी के अनुसार तेनुघाट की इकाई को ठीक होने में समय लगेगा. हालांकि जानकारी के अनुसार रविवार की देर शाम तक ग्रीड से सुचारू रूप से बिजली मिलने की गुंजाइश बतायी गयी थी.

गर्मी में बिजली चोरी ने बढ़ायी विभाग की परेशानी

वहीं गर्मी शुरू होते ही बिजली चोरी की समस्या से विभाग त्रस्त है. गर्मी आते ही फ्यूज बदलने का खेल शुरू हो जाता है. ऐसे में फॉल्ट की समस्या होती है, जिसको ठीक करने में घंटों समय जाया होता है. विभाग के अनुसार गर्मी में जैसे-तैसे लोगों के द्वारा कनेक्शन कर बिजली चोरी की जा रही है. कुलर, एसी आदि का प्रयोग बढ़ा है, ऐसे में आवश्यकता भी बढ़ी है. फलत: लोग बिजली चोरी का सहारा ले रहे हैं. इससे भी खपत बढ़ी है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola