बोआरीजोर गांव में आदिवासी सुशासन व्यवस्था के बैनर तले आदिवासी समुदाय के ग्राम प्रधान एवं ग्रामीणों की बैठक संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता विकास बास्की ने किया. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के लोगों को अपनी धर्म एवं संस्कृति पर गर्व होना चाहिए. हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है. अपनी संस्कृति कभी नहीं भूलनी चाहिए. आदिवासी समाज के लोग शराब के शिकार होकर अपने आपको बर्बाद कर रहे हैं. शराब से दूर रहना चाहिए एवं अपने बच्चों को शिक्षित बनाना चाहिए. गांव के सुशासन व्यवस्था को सरकार को मजबूत करनी चाहिए. ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, तभी राज्य एवं देश विकसित होगा. ग्राम प्रधान को प्रशिक्षण द्वारा कर्तव्य एवं दायित्व के बारे में विस्तार से जानकारी देने की जरूरत है और गांव में चल रही विकास योजनाओं में ग्राम प्रधान की भागीदारी होनी चाहिए. बैठक में यह भी कहा गया कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के तहत आता है, इसलिए इस क्षेत्र में ग्राम सभा सर्वोपरि होता है. मौके पर महावीर हांसदा, सिमोन सोरेन, चुनाराम बेसरा, अल्फ्रेड मुर्मू, बाबूराम हेंब्रम, प्रकाश मरांडी आदि उपस्थित थे.
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