सदर अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में आयुष्मान रोगियों का इलाज शुरू, बहुत जल्द दूसरे रोगियों का इलाज भी हो सकेगा संभव

Updated at : 27 Mar 2025 11:11 PM (IST)
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सदर अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में आयुष्मान रोगियों का इलाज शुरू, बहुत जल्द दूसरे रोगियों का इलाज भी हो सकेगा संभव

जिला प्रशासन की पहल पर सदर अस्पताल में पांच बेड वाले डायलिसिस सेंटर को किया गया चालू

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गोड्डा जिला प्रशासन की पहल पर सदर अस्पताल में पांच बेड वाले डायलिसिस सेंटर को चालू कर दिया गया है. प्रारंभिक अवस्था में आयुष्मान से भर्ती होने वाले रोगियों का सदर अस्पताल में डायलिसिस कराया जा रहा है. रोजाना पांच से अधिक रोगियों डायलिसिस कराये जाने के लिए सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं. सदर अस्पताल में डायलिसिस सेंटर चालू होने से आयुष्मान रोगियों को काफी मदद मिली है. अब आयुष्मान से डायलिसिस कराये जाने के लिए रोगियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा. रोगी परेशानी से बच गये हैं. यह जिला प्रशासन की बेहतर पहल हैं. मालूम हो कि डायलिसिस सेंटर को चालू कराये जाने की कवायद पहले से की जा रही थी. इस बाबत डीएमएफटी की राशि से डायलिसिस सेंटर के लिए आवश्यक सामानों का क्रय कर लिया गया था. सामानों को इंस्टॉल करने के बाद चालू कर दिया गया है. रोजाना डायलिसिस के मरीज को लेकर पहुंच रहे हैं. सेंटर में प्रशिक्षित कर्मियों को भी लगाया गया है. अस्पताल के दूसरे मंजिल पर डायलिसिस सेंटर को चालू किया गया है.

पहले पीपीपी मोड पर चल रहा था डायलिसिस सेंटर

सदर अस्पताल में ही पहले पीपीपी मोड पर डायलिसिस सेंटर का संचालन होता था. हालांकि अभी भी हो रहा है. इसको किसी एजेंसी द्वारा संचालित किया जा रहा था. एजेंसी से राज्य सरकार की ओर से एमओयू किया गया था, जिसके एवज में अभी भी सेंटर का संचालन हो रहा है. लेकिन इस बार जिला प्रशासन की पहल पर स्वयं सदर अस्पताल में डायलिसिस सेंटर को चालू कर दिया गया है, जिससे जिले वासियों को राहत मिलनी तय है.

बाहर में ऊंचे रेट पर कराना पडता है डायलिसिस

एक समय था जब डायलिसिस कराने के लिए लोगों को बाहर जाना पड़ता था. लेकिन धीरे-धीरे इसमें सुधार हुआ है. जिले के कई निजी संस्थानों में डायलिसिस की सुविधा मिली, लेकिन वहां जो रेट वसूला जाता है, उसको देने में आम मरीजों को निश्चित रूप से परेशानी होती है. इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है. बाहर में दो हजार से अधिक रुपये डायलिसिस कराने में खर्च होता है. दूसरा डायलिसिस कराये जाने से पहले रोगियों को बाहर में कुछ राशि खर्च कर कैंडुला आदि भी लगाना पड़ता है. यह जटिल प्रक्रिया है. खैर सदर अस्पताल में यह सुविधा मिलने पर जिले के सैकड़ों डायलिसिस मरीजों को इससे फायदा पहुंचेगा. धीरे-धीरे डायलिसिस मरीजों को और भी सुविधा मिलनी तय है. इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सार्थक कदम उठाया गया है.

नये अस्पताल भवन को भी चालू करने की हो रही कवायद

वहीं सदर अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बनाये गये नये अस्पताल भवन को जल्द ही चालू कर दिया जाएगा. इसकी कवायद भी की जा रही है. जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग इसमें लगा हुआ है. नये भवन को चालू कर देने से रोगियों को और भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी.आयुष्मान से फिलहाल रोगियों को निशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है. कुछ दिनों के बाद आयुष्मान से हटकर रोगियों को इलाज की सुविधा दी जाएगी. इसके लिए न्यूनतम फीस का निर्धारण किया जाएगा. जिलास्तरीय बैठक के बाद ही तय हो पायेगा. जिले के मरीजों को इससे फायदा मिलेगा.

-मोनाली, प्रबंधक, सदर अस्पताल ,गोड्डाB

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