आजादी के 78 साल बाद भी आदिवासी टोला पहाड़पुर तक नहीं बनीं पक्की सड़क

Edited by SANJEET KUMAR
Updated:
विज्ञापन

कीचड़ भरा कच्चा रास्ता, गांववासियों की रोजमर्रा की समस्याएं बढ़ी

विज्ञापन

आजादी के 78 साल बाद भी पोड़ैयाहाट प्रखंड अंतर्गत ठाकुर नहान पंचायत के आदिवासी टोला पहाड़पुर तक पक्की सड़क नहीं बन पायी है. करीब 500 की आबादी वाले इस गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीण सुनीराम सोरेन, प्रमोद सोरेन, देवानंद किस्कू, जेठू हंसदा ने बताया कि पहाड़पुर गांव तक पहुंचने के लिए एक किलोमीटर लंबा कच्चा रास्ता है. गर्मी में धूल और बरसात में कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है. बारिश के दिनों में पूरा गांव टापू बन जाता है. देवानंद किस्कू ने कहा कि बीमार को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. कई बार रास्ते में ही मरीज की हालत बिगड़ जाती है. एंबुलेंस गांव तक नहीं आ पाती. गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है. सड़क नहीं होने से स्कूली बच्चों को भी परेशानी होती है. कीचड़ के कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं. बरसात में स्कूल जाना बंद हो जाता है. जेठू हंसदा ने कहा कि शादी-ब्याह में भी दिक्कत होती है. बारात की गाड़ी गांव तक नहीं आती. सामान ढोकर लाना पड़ता है. कोई रिश्ता करने से भी कतराता है कि सड़क नहीं है.

500 की आबादी, फिर भी उपेक्षित

पहाड़पुर पूरी तरह आदिवासी बहुल गांव है. यहां करीब 90 परिवार रहते हैं और कुल आबादी लगभग 500 है. लोग मुख्य रूप से खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं. गांव में प्राथमिक विद्यालय तो है, पर शिक्षक बरसात में आने से कतराते हैं. सुनीराम सोरेन ने कहा कि सरकार कहती है गांवों का विकास होगा. लेकिन आजादी के इतने साल बाद भी हम कच्चे रास्ते पर चलने को मजबूर हैं. क्या हम इंसान नहीं हैं. प्रखंड विकास पदाधिकारी फुलेश्वर मुर्मू ने बताया कि मामला संज्ञान में है. उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की राशि से प्राथमिकता के आधार पर पहाड़पुर में पीसीसी पथ निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि ग्राम सभा से प्रस्ताव आने के बाद प्राक्कलन बनाकर काम शुरू कराया जाएगा. कोशिश होगी कि इसी वित्तीय वर्ष में सड़क बन जाये.

जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

स्थानीय मुखिया बाबूराम ने कहा कि पूर्व में भी प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन फंड के अभाव में काम नहीं हो पाया. अब 15वें वित्त की राशि मिलने के बाद पहाड़पुर की सड़क प्राथमिकता में है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इस बार भी सिर्फ आश्वासन मिला और सड़क नहीं बनी, तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे. पहाड़पुर के लोग आज भी उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब उनके गांव तक पक्की सड़क पहुंचेगी और वे मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे. फिलहाल तो आजादी के 78 साल बाद भी उनका सफर कीचड़ और धूल से होकर ही गुजर रहा है.

विज्ञापन
SANJEET KUMAR

लेखक के बारे में

By SANJEET KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola