गोड्डा में ईद के मौके पर रसोई गैस की भारी किल्लत, घरों की खुशियों पर संकट

Updated at : 13 Mar 2026 11:28 PM (IST)
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गोड्डा में ईद के मौके पर रसोई गैस की भारी किल्लत, घरों की खुशियों पर संकट

सिलिंडर की लंबी कतारें, बुकिंग में देरी और पारंपरिक व्यंजनों पर खतरा

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ईद-उल-फितर के त्योहार में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनता की खुशियों में खलल डाल दिया है. बाजारों में रौनक तो है, लेकिन घरों की रसोइयों से इस बार वह पारंपरिक खुशबू गायब होने का डर सता रहा है, जो ईद की पहचान होती है. गोड्डा जिले के विभिन्न गैस एजेंसियों पर इन दिनों उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी जा रही है. लोगों का आरोप है कि बुकिंग के हफ्ते भर बाद भी सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है. त्योहार के सीजन और ईरान-इजराइल युद्ध के कारण गैस की किल्लत ने वेटिंग पीरियड को 10 दिन से अधिक तक पहुंचा दिया है. इस स्थिति ने घरों के बजट और महिलाओं की मेहनत पर असर डाला है. महिलाएं एजेंसियों के चक्कर काटने और पूछताछ में अपना कीमती समय गंवा रही हैं, जिसे वे त्योहार की तैयारी में लगाना चाहती थीं. ईद के मौके पर शीर-खुरमा, बिरयानी और कबाब जैसे लजीज व्यंजन मुख्य आकर्षण होते हैं. इन पकवानों को बनाने में काफी समय और ईंधन की जरूरत होती है. इस बार रसोई गैस की किल्लत ने त्योहार के रंग में भंग डाल दिया है. कई घरों में यह डर है कि लजीज बिरयानी, कबाब और मीठी सेवई की खुशबू रसोइयों से गायब हो सकती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस बुकिंग के हफ्तों बाद भी डिलीवरी नहीं मिल रही है. वहीं, कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि त्योहार के मौके पर सिलेंडरों की कालाबाजारी भी बढ़ गयी है. गैस एजेंसियों का कहना है कि आपूर्ति में कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई है, लेकिन उपभोक्ताओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है. लोग जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ईद के मौके पर गैस की इमरजेंसी सप्लाई सुनिश्चित की जाये, ताकि किसी के घर का चूल्हा त्योहार पर ठंडा न रहे.

महिलाओं का दर्द…

ईद के लिए सारी तैयारियां पूरी हैं, बस गैस का चूल्हा ठंडा पड़ा है. अगर एक-दो दिन में सिलेंडर नहीं मिला, तो हमें चूल्हे पर खाना बनाना होगा, जो शहर में मुश्किल है.

-तमन्ना खातुन, गृहिणी

बिना गैस के ईद की तैयारी कैसे शुरू करें. सेवई भूनने से लेकर बिरयानी पकाने तक, सब गैस पर निर्भर है. समय पर सिलिंडर नहीं मिला, तो मेहमानों का स्वागत फीका रहेगा.

-तैहरून बीबी, गृहिणी

ईद की खास पहचान किमामी सेवई और शीर खुरमा बनाने के लिए घंटों आंच की जरूरत होती है. गैस न होने से लोग परेशान हैं कि मेहमान की खातिरदारी कैसे होगी.

-समस आरा परवीन, गृहिणी

बुकिंग कराए 10 दिन हो गये, लेकिन सिलेंडर नहीं मिला. बिना गैस के सेवई कैसे भुनेगी और बिरयानी कैसे पकेगी. प्रशासन को त्योहार के समय विशेष ध्यान देना चाहिए.

-सबीरा खातून, गृहिणी

ईद के लिए हमने हफ्ते भर पहले से तैयारी की थी, लेकिन अब गैस ही नहीं है. बिना गैस के लजीज व्यंजन कैसे बनेगी. मेहमानों के आने पर क्या चूल्हे पर लकड़ियां जलाएंगे.

-हाजरा खातून, गृहिणी

घरेलू गैस आपूर्ति में देरी ने हमें तनाव में डाल दिया है. धीमी आंच पर पकने वाली व्यंजनों के लिए गैस अनिवार्य है. जल्द आपूर्ति नहीं हुई, तो इस बार ईद फीका रह जाएगा.

-रोजिदा खातून,

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