सूर्या हांसदा के परिजनों से मिले कई संगठन के नेता, एनकाउंटर पर उठाये सवाल

Updated at : 06 Sep 2025 8:30 PM (IST)
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सूर्या हांसदा के परिजनों से मिले कई संगठन के नेता, एनकाउंटर पर उठाये सवाल

11 सितंबर को गोड्डा डीसी और 19 सितंबर को दुमका डीसी को जनआक्रोश रैली के माध्यम से ज्ञापन दिया जायेगा.

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तस्वीर :- 54 परिजनों से मिलते संगठन के सदस्य.

प्रतिनिधि, बोआरीजोर

ललमटिया के डकैता गांव पहुंचकर एनकाउंटर में मारे गए सूर्या हांसदा के परिजनों से मुलाकात करने के बाद संथाल परगना समन्वय समिति, छात्र समन्वय समिति और झारखंड क्रांति सेना के सदस्य श्यामदेव हेंब्रम और निखिल मुर्मू ने कहा कि सूर्या हांसदा का एनकाउंटर पुलिस द्वारा फर्जी तरीके से किया गया है. उन्होंने दावा किया कि इस एनकाउंटर के साथ-साथ 300 बच्चों का भी एनकाउंटर किया गया है. उन्होंने कहा कि तीनों संगठन मिलकर जनआक्रोश रैली निकालेंगे. उपायुक्त को राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपेंगे. ज्ञापन के माध्यम से घटना की निष्पक्ष जांच कराने के लिए सीबीआइ से मांग की जायेगी. 11 सितंबर को गोड्डा डीसी और 19 सितंबर को दुमका डीसी को जनआक्रोश रैली के माध्यम से ज्ञापन दिया जायेगा. इसी तरह, सभी जिले के डीसी को ज्ञापन देकर न्याय की मांग की जायेगी. यदि इसके बाद भी सरकार सीबीआइ जांच नहीं कराती है, तो छह नवंबर को तीनों संगठनों द्वारा झारखंड बंद का आह्वान किया जायेगा. उन्होंने कहा कि जो कंपनियां माफिया को पालती हैं, उनके इशारे पर सूर्या की हत्या करायी गयी है. राजनीतिक रूप से पोषित और संरक्षित लोगों के द्वारा यह हत्या करायी गयी.

सूर्या हांसदा के परिजनों को न्याय दिलाने का किया आह्वान

सूर्या ऐसे जननायक थे, जो जुल्म, शोषण और अत्याचार के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाते थे और संघर्ष करते थे. उन्होंने पदाधिकारी, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक को क्षेत्र में अवैध खनन, भ्रष्टाचार और लूट के बारे में पत्र लिखा था. इस क्षेत्र में धड़ल्ले से कोयला और पत्थर की चोरी की जाती है. कुछ माफिया बिहार से आकर इस क्षेत्र में राज करते हैं और उन्हीं के इशारे पर घटना हुई है. पुलिस का सहारा लेकर यह कार्रवाई की गयी. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सूर्या को देवघर से गिरफ्तार किया और रात के अंधेरे में जंगल ले जाकर यह कार्रवाई की. पुलिस सूर्या को कुख्यात अपराधी बताती है, लेकिन रात 12 बजे जंगल ले जाकर हथियार खोजने का नाटक किया गया. दर्जनों पुलिस कर्मियों के बीच से अपराधी कैसे भाग सकता है. पुलिस का कहना है कि आधा घंटा गोलीबारी हुई, जिसमें सिर्फ सूर्या को गोली लगी और किसी अन्य को नहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पूरी घटना की स्क्रिप्ट तैयार की और गोड्डा पुलिस किसी की लिखी हुई कहानी पेश कर रही है. उन्होंने कहा कि आदिवासी अब बेवकूफ नहीं हैं और जाग चुके हैं. सूर्या को न्याय दिलाकर ही रहेंगे.

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