प्रकृति की पूजा ही परमात्मा की पूजा

Updated at : 04 Apr 2025 11:11 PM (IST)
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प्रकृति की पूजा ही परमात्मा की पूजा

श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के पांचवें दिन आचार्य पवन महाराज

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पथरगामा प्रखंड के शक्तिपीठ चिहारो पहाड़ परिसर में चैती दुर्गा पूजन के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के पांचवें दिन अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास आचार्य पवन जी महाराज ने कथा वाचन कर कहा कि प्रकृति की पूजा ही परमात्मा की पूजा होती है. आचार्य ने भगवान कृष्ण की बाल लीला का विस्तार से वर्णन किया. पूतना वध, सकटासुर, अघासुर, कालिया नाग का उद्धार, गोपियों का वस्त्र हरण, ब्रह्मा जी का मान मर्दन एवं गोवर्धन नाथ की कथा को विस्तार से सुनाया गया. आचार्य ने कहा कि जिसके जीवन में गुरु नहीं हैं, वैसे व्यक्ति का जीवन विफल है. आचार्य पवन जी महाराज ने भागवत कथा में भगवान के अलग लीला से भक्तों को अवगत कराया. मौके पर पूजा समिति अध्यक्ष संतोष कुमार महतो, आनंद बिहारी, रतन महतो, सत्यप्रकाश, बलराम कुमार, विकास यादव, अरविंद यादव समेत श्रद्धालु भक्तजन मौजूद थे.

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