सत्संग से ही जागता है सदाचार का भाव : स्वामी सत्यनारायण

Published by : SANJEET KUMAR Updated At : 07 Sep 2025 11:39 PM

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विश्वनाथ कुटी, बिसाहा में दो दिवसीय वार्षिक महोत्सव में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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पथरगामा प्रखंड के विश्वनाथ कुटी, बिसाहा में रविवार को संतमत सत्संग का वार्षिक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ. दो दिवसीय इस महोत्सव में देशभर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखी गयी. कार्यक्रम के दौरान स्वामी सत्यनारायण जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि संतमत सत्संग का श्रवण मात्र से ही मनुष्य के भीतर सदाचार और विवेक का जागरण होता है. उन्होंने कहा कि भक्ति का फल तभी प्राप्त होता है जब मनुष्य सतत साधना, सत्संग, भजन और ध्यान में लीन रहे. स्वामी जी ने आगे कहा कि गुरु की सेवा के बिना न तो गुरु की कृपा प्राप्त हो सकती है और न ही भक्ति पूर्ण हो सकती है. उन्होंने ईश्वर भक्ति को मानव जीवन का परम उद्देश्य बताया और कहा कि जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण पा लेता है, वही सच्चा संत होता है. संतमत महोत्सव के इस अवसर पर अमृतानंद बाबा और शंभू बाबा ने भी अपने आध्यात्मिक प्रवचनों से श्रद्धालुओं को अंतर्मन की यात्रा पर प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि संतों की संगति और उपदेश से ही जीवन में सच्चे परिवर्तन की शुरुआत होती है.

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, भक्ति में लीन दिखा वातावरण

कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन समिति के नरेश यादव, अनंत सिंह, मिथुन कुमार सहित अन्य भक्तों का योगदान सराहनीय रहा. महोत्सव के दौरान पूरा परिसर भजन, आरती और ध्यान के मधुर स्वर से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं ने भक्ति में डूबकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की.

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