???::???? ???????? ?????? ???? ?? ???? ???? ??? ????

Published at :22 Dec 2015 9:55 PM (IST)
विज्ञापन
???::???? ???????? ?????? ???? ?? ???? ???? ??? ????

ओके::कहीं विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं तो कहीं अपना भवन नहींफ्लैग-संसाधन व इच्छा शक्ति की कमी से गोड्डा की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल-सदर अस्पताल में अब तक नहीं बन पाया बर्न वार्ड -स्वास्थ्य विभाग के पास ड्रेसरों की कमी -अस्पतालों में नेत्र व दंत रोग चिकित्सक नहीं -ममता वाहनों का भी बुरा हालनये साल में ये सुविधाएं बढ़ […]

विज्ञापन

ओके::कहीं विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं तो कहीं अपना भवन नहींफ्लैग-संसाधन व इच्छा शक्ति की कमी से गोड्डा की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल-सदर अस्पताल में अब तक नहीं बन पाया बर्न वार्ड -स्वास्थ्य विभाग के पास ड्रेसरों की कमी -अस्पतालों में नेत्र व दंत रोग चिकित्सक नहीं -ममता वाहनों का भी बुरा हालनये साल में ये सुविधाएं बढ़ सकती है-सीएचसी पोड़ैयाहाट बनेगा चार करोड़ से-मॉरच्युरी हाउस व बर्ण वार्ड की मिल चुकी स्वीकृति-10 उपस्वास्थ्य भवन की मिली स्वीकृत-नये साल में सदर अस्पताल में ब्लड बैंक की मिलेगी सुविधा तस्वीर : 101 सदर अस्पताल,गोड्डा नगर प्रतिनिधि, गोड्डा राज्य गठन के बाद गोड्डा सदर अस्पताल में मात्र इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में अस्पताल भवन का कार्य ही हो पाया है. लेकिन अब तक सदर अस्पताल में बर्ण वार्ड की स्थापना नहीं हो पायी है. इस कारण झुलसे हुये रोगियों को भी साधारण वार्ड में रखा जाता है. वहीं प्रखंडों में भी स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे है. हाल यह है कि कई प्रखंडों में कई उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का अपना भवन नहीं है. गोड्डा सदर, पथरगामा व महगामा में 10 स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन निर्माण को लेकर विभागीय स्वीकृति मिल चुकी है. वहीं कई अस्पतालों में डॉक्टरों की भी कमी है. गोड्डा के किसी भी सरकारी अस्पताल में अब तक आंख व दांत के डॉक्टर का पदस्थापन नहीं किया गया है. इस वजह से आंख की शिकायत वाले रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. वहीं अक्सर स्वास्थ्य कर्मियों की कमी भी अस्पतालों में खलती है. सदर अस्पताल सहित प्रखंडों के अस्पतालों में ड्रेसर के कई पद रिक्त पड़े हुए हैं. स्वास्थ्य विभाग के पास ड्रेसर नहीं होने से दुर्घटनाग्रस्त रोगी के मरहम पट्टी को लेकर ऑपरेशन थियेटर में चिकित्सकों को परेशानी रहती है.नये साल में ये सुविधाएं हो सकती हैं बेहतरगोड्डा सदर, पथरगामा व महगामा में 10 स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन निर्माण को लेकर विभागीय स्वीकृति मिल चुकी है. बहुत जल्द इनका स्वास्थ्य केंद्रों का अपना भवन बन सकता है. नये साल में पोड़ैयाहाट वासियों के लिए शुभ सामाचार है. वहां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में चार करोड़ की राशि से सीएचसी पोड़ैयाहाट भवन का निर्माण कार्य पुरा होगा. वहीं गोड्डा सदर अस्पताल में बर्ण वार्ड व मॉरच्युरी हाउस के निर्माण के लिए स्वीकृति मिल चुकी है. विभागीय जानकारी के मुताबिक बर्ण वार्ड 35 लाख तथा मॉरच्युरी हाउस 30 लाख की लागत से बनेगा. अब केवल जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से जमीन चयन की औपचारिकता बाकी रह गयी है. अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो नये साल में गोड्डा सदर अस्पताल में ब्लड बैंक की सुविधा जिले वासियों को मिलेगी. ब्लड बैंक के भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. केवल पन्ना प्लास्टर कार्य ही शेष बचा हुआ है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से नव वर्ष में ब्लड बैंक को चालू करने की कवायद की जाएगी. वैसे तो गोड्डा स्वास्थ्य विभाग में स्पेशलिस्ट चिकित्सकों व संसाधन के अभाव में रोगियों के रेफर करने की परंपरा जारी है. हां लेकिन आउट सोर्सिंग के तहत लैब पेथोलॉजी के कार्यरत होने से अब रोगियों को बाहर के पैथोलॉजी में जांच-टेस्ट नहीं कराना पड़ेगा. सभी जांच सुविधा सदर अस्पताल के पैथोलैब में सस्ते दर पर हो जायेगी.——————————कहते हैं सिविल सर्जन ” ब्लड बैंक की बिल्डिंग बन रही है. बिल्डिंग कार्य पुरा होते ही उपकरण लगाया जायेगा. ब्लड बैंक में स्टॉफ, चिकित्सक का पद व आवंटन मिलते ही स्वीकृति करा ली जायेगी. जांच की सुविधा आउट सोर्स किया गया है. ये एसआरएस ग्रुप को दिया गया है. उससे जांच की क्वालिटी बढ़ी है. रेडियोलॉजिस्ट को भी आउटसोर्स किया गया है. धीरे-धीरे आउटसोर्स की तरफ जा रहे हैं. अल्ट्रासाउंड व अन्य सुविधा बढ़ायी जायेगी. शव गृह बना हुआ है. मॉरच्युरी हाउस के लिए स्थान अस्पताल कैंपस के अंदर दिक्कत हो रही है. कुछ बिल्डिंग डिमॉलिस किये जायेंगे. इस बिंदु पर उपायुक्त स्तर पर बात कर हल निकालने का प्रयास किया जायेगा. -डॉ सीके शाही, सिविल सर्जन, गोड्डा.——————————-गोड्डा में 156 ममता वाहन चल रहीगोड्डा जिला के विभिन्न प्रखंडों के अस्पतालों में कुल 156 ममता वाहन एमओयू कर संचालन किया जा रहा है. इनमे से कोई भी ममता वाहन में नियम का पालन नहीं किया जाता है. ममता वाहन में पानी की व्यवस्था के साथ टॉर्च व फर्स्ट एंड का गाइड लाइन का फॉलोअप करना है. जो नहीं किया जाता है. बोआरीजोर रेफरल अस्पताल होने के बावजूद भी एक ही ममता वाहन नहीं है. जबकि चार का होना अनिवार्य बताया जाता है. किसी भी ममता वाहन में प्रतीक चिह्न नहीं लगाया गया है. इसमे गोड्डा में तीन एंबुलेंस, पथरगामा में एक एंबुलेंस, मेहरमा में एक एंबुलेंस, सुंदरपहाड़ी में दो एंबुलेंस को ममता वाहन बना कर कार्य किया जा रहा है.कहां कितने ममता वाहनगोड्डा 25 25 कार्यरतपथरगामा 25 05 कार्यरतमहगामा 28 27 कार्यरतमेहरमा 14 13 कार्यरतबोआरीजोर 18 18 कार्यरतसुंदरपहाड़ी 12 11 कार्यरतपोड़ैयाहाट 22 21 कार्यरत

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola