गोड्डा : भल्लु व कसवा में बीसीसीएल करेगा कोयला उत्खनन

Updated at : 23 Jan 2018 5:46 AM (IST)
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गोड्डा : भल्लु व कसवा में बीसीसीएल करेगा कोयला उत्खनन

कोयला सर्वेक्षण रिपोर्ट के बाद कोल मंत्रालय की स्वीकृति गोड्डा. गोड्डावासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. मेहरमा प्रखंड के कसवा, भल्लु व सुढ़नी में बड़े काेल ब्लाॅक का संचालन भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की ओर से किया जायेगा. कोयला मंत्रालय ने इस महती परियोजना को अपनी ओर से हरी झंडी दे दी है. नये कोल […]

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कोयला सर्वेक्षण रिपोर्ट के बाद कोल मंत्रालय की स्वीकृति

गोड्डा. गोड्डावासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. मेहरमा प्रखंड के कसवा, भल्लु व सुढ़नी में बड़े काेल ब्लाॅक का संचालन भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की ओर से किया जायेगा. कोयला मंत्रालय ने इस महती परियोजना को अपनी ओर से हरी झंडी दे दी है. नये कोल ब्लॉक का नाम पीरपैंती बाराहाट होगा. इस कोल ब्लॉक के लिए गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने पहल की थी. अब उनकी पहल रंग लायी है.

क्या है मामला : मेहरमा प्रखंड के कसवा-सुढ़नी व भल्लु आदि गांव में पिछले तीन वर्षों से कोयले की संभावना को लेकर सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा था. सांसद निशिकांत दुबे ने वर्ष 2014-15 में क्षेत्र में कोयले की संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था. सरकार ने मामले पर संज्ञान लेते हुए सीएमपीआइएल कोल माइंस प्लानिंग डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट को सर्वे का काम दिया.

वर्ष 2016 में संस्थान की ओर से कई स्थानों में खुदाई कर कोयले का नमूना लिया था. जिसमें कसवा व भल्लु के आसपास से लेकर बिहार के क्षेत्र में भी खुदाई की गयी थी. लगातार तीन वर्षों तक खुदाई के बाद संस्थान की ओर से सरकार के दी गयी रिपोर्ट के बाद सरकार ने कोयला ब्लाॅक के रूप में आवंटित कर दिया.

उत्पादन लक्ष्य 100 मिलियन टन होगा

कोल मंत्रालय की ओर से किये गये देश भर के कुल 11 में से चार कोल ब्लाॅक झारखंड व बिहार में हैं. गोड्डा के पीरपैंती बाराहाट कोल परियोजना को बीसीसीएल को दिया गया है. लगातार मुफलिसी व घाटे में चल रही भारत कोकिंग कोल इंडिया को उबारने में मदद मिलेगी. 2021 -22 में परियोजना काम करना प्रारंभ कर देगा . उत्पादन लक्ष्य 100 मिलियन टन बताया गया है.

11 में से चार कोल परियोजना बीसीसीएल को मिला

11 परियोजना में चार परियोजना बीसीसीएल, चार इसीएल तथा तीन डब्ल्यूसीएल को आवंटित किया गया है. कुल उत्पादन 36 मिलियन टन कोयले का उत्पादन वर्तमान समय में बीसीसीएल कर रहा है. जिसकी उत्पादन क्षमता बढ़ा कर 250 मिलियन टन किया जायेगा. इन परियोजना से 18 हजार लोगों को रोजगार के अलावा 90 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावना बढ़ जायेगी. इससे पहले गोड्डा में इसीएल की ओर से खनन कार्य किया जा रहा था, अब बीसीसीएल की ओर से भी उत्पादन होगा.

कोल कैपिटल के रूप में है दर्ज गोड्डा के मेहरमा से राजमहल की पहाड़ी क्षेत्र

गोड्डा के मेहरमा तथा सीमावर्ती पीरपैंती व बरारहाट से लेकर राजमहल तक का क्षेत्र कोल मंत्रालय की किताब में कोल कैपिटल के रूप में दर्ज है.

हजारों एकड़ एरिया में फैले कोयले का क्षेत्र बंगाल के उखड़ा- पांडेश्वर तक भंडारण है. अनुमान के मुताबिक हजार साल तक के कोयले के स्टाॅक की उपलब्धता की बात बतायी जा रही है.

‘ परियाेजना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री के साथ-साथ मंत्री पीयूष गोयल के प्रति आभार व्यक्त करता हूं. क्षेत्र में नयी खुशहाली आनेवाली है ‘

– निशिकांत दुबे, सांसद, गोड्डा

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