एक चापाकल पर 400 आबादी
Updated at : 07 Aug 2017 2:30 PM (IST)
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बोआरीजोर : राजाभीठा पंचायत के बड़ा केंदुआ गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है. गांव में एक दो समस्याएं नहीं बल्कि समस्याओं का अंबार है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 100 घर है. जिसमें करीब 400 की आबादी गुजर-बसर करती है. एक चापाकल के भरोसे पूरे गांव की आबादी निर्भर है. […]
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बोआरीजोर : राजाभीठा पंचायत के बड़ा केंदुआ गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है. गांव में एक दो समस्याएं नहीं बल्कि समस्याओं का अंबार है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 100 घर है. जिसमें करीब 400 की आबादी गुजर-बसर करती है. एक चापाकल के भरोसे पूरे गांव की आबादी निर्भर है. पानी की किल्लत से लोगों को रोजाना जूझना पड़ रहा है. गांव में एक भी घरों में शौचालय नहीं है.
पेंशन का लाभ वृद्ध व विधवाओं को नहीं मिल पा रहा है. इंदिरा आवास योजना के लाभ से ग्रामीण वंचित हैं. टूट फुटे व झोपड़ी वाले घर में रहने को विवश हैं. बारिश होने पर पानी का रिसाव घर में हो जाता है. रात में लोग रतजग्गा कर घरों से पानी को निकालने का काम कर रहे हैं. ग्रामीण राकेश मरांडी, रोहित साह, राधिका देवी व चंपा देवी ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या से किसी को कोई लेना-देना नहीं रह गया है.
पदाधिकारी गांव नहीं आते हैं. जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं देते हैं. समस्याएं धरी की धरी रह जाती है. मामले को लेकर मुखिया प्रियंका सोरेन ने कहा कि इंदिरा आवास के लिए गांव में सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे के बाद इंदिरा आवास लाभुकों को दिया जायेगा. पेंशन के लिए भी पहल की जा रही है.’
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