मातृ-शिशु अस्पताल का भवन बेकार
Updated at : 25 Jul 2017 6:12 AM (IST)
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स्वास्थ्य. चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति नहीं होने के कारण मरीजों को लाभ नहीं चार करोड़ की राशि से मातृ-शिशु दर रोकने को लेकर सुंदरपहाड़ी के करमाटाड़ में अस्पताल का भवन निर्माण करा कर पीएचसी सुंदरपहाड़ी को हैंडओवर कर दिया गया है. पर चिकित्सक व कर्मियों की प्रतिनियुक्ति नहीं होने के कारण लाभ नहीं मिल पा रहा […]
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स्वास्थ्य. चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति नहीं होने के कारण मरीजों को लाभ नहीं
चार करोड़ की राशि से मातृ-शिशु दर रोकने को लेकर सुंदरपहाड़ी के करमाटाड़ में अस्पताल का भवन निर्माण करा कर पीएचसी सुंदरपहाड़ी को हैंडओवर कर दिया गया है. पर चिकित्सक व कर्मियों की प्रतिनियुक्ति नहीं होने के कारण लाभ नहीं मिल पा रहा है. ग्रामीण योजना की उपयोगिता पर ही सवाल उठा रहे हैं.
गोड्डा : गोड्डा जिला के सुंदरपहाड़ी प्रखंड के करमाटांड़ के पास एमसीएच अस्पताल का भवन छह वर्ष से बेकार पड़ा हुआ है. इसका लाभ प्रखंड के गर्भवती माता व शिशु को नहीं मिल पाया है. मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के मकसद से वर्ष 2011 में राज्य सरकार ने चार करोड़ की राशि से अस्पताल के निर्माण कराया था. भवन निर्माण विभाग के संवेदक ने भवन निर्माण कर सुंदरपहाड़ी पीएचसी को हैंडओवर कर दिया है. पर चिकित्सक व कर्मियों का पदस्थापन नहीं होने के कारण इलाज शुरू नहीं हो पा रहा है. ऐसे में प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण भवन की उपयोगिता पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं. वहीं विभाग स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति कितना संजीदा है. इसका भी सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है.
नेताओं में श्रेय लेने की मची रही होड़: एमसीएच भवन के निर्माण को लेकर राजनीतिक के विशेष हस्तियों द्वारा खूब सियासी खेल खेला गया था. श्रेय लेने का होड़ कई नेताओं ने किया था. पर अब अस्पताल चालू क्यों नहीं हो पाया. इस पर भी चुप्पे साधे हैं. नतीजा यह रहा कि वर्ष 2011 में करमाटांड़ के पहाड़ी क्षेत्र में एमसीएच भवन का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया. जानकारी के अनुसार एनेमिक गर्भवती माता व कुपोषित शिशु को भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की देख रेख में ईलाज करने के उद्देश्य से मदर चाइल्ड हेल्थ हॉस्पीटल की स्वीकृति दी गई. भवन निर्माणाधीन है. लेकिन इतने बड़े अस्पताल को जिला मुख्यालय में निर्माण नहीं करा कर करमाटांड़ जैसे पिछड़े इलाके में कराये जाने का सवाल खड़ा होने लगा है.
सरकार की ओर चिकित्सकों व कर्मियों का पदस्थापन नहीं किया गया है. इस कारण से अस्पताल चालू नहीं हो पा रहा है. संवेदक ने भवन को सुंदरपहाड़ी सीएचसी को हैंडओवर कर दिया है. चिकित्सक व कर्मियों का पदस्थापन होने के बार सेवा चालू कर दी जायेगी.
डॉ प्रवीण राम, सीएस
कई काम रह गये हैं अधूरे
भवन निर्माण विभाग के संवेदक द्वारा भवन तो हैंड ओवर कर दिया गया है. पर कई काम अब भी अधूरे हैं. मुख्य भवन के किसी भी खिड़की में अब तक दरवाजा नहीं लगाया गया है. मुख्य भवन का निर्माण भी बांकि है. जानकारी के अनुसार मदर चाइल्ड हेल्थ हॉस्पीटल भवन परिसर में चिकित्सक क्वार्टर व चर्तुथवर्गीय कर्मचारी के क्वार्टर का निर्माण भी नहीं हो पाया है. ऐसे में अगर कर्मियों का पदस्थापन कर भी दिया जाता है तो रहने में उनलोगों को परेशानी होगी.
इस दिशा में भी विभाग व संवेदकों की ओर से कोई कार्य नहीं किया गया है. भवन निर्माण कार्य में तीन प्राइवेट एजेंसी में संतोष कंस्ट्रक्शन, योगदा कंस्ट्रक्शन, ट्राइवल डेवलपमेंट की ओर से कार्य पूरा करना था. इसमें ट्राइवल डेवलपमेंट के संवेदक ने कार्य से अपने हाथ खड़े कर लिये हैं.
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