चेकडैम का काम अधूरा किसानों में रोष
Updated at : 23 Jul 2017 5:14 AM (IST)
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उदासीनता. नारायणी व गोरगामा के किसानों को हो रही परेशानी सरकार योजना शुरू करती है, योजना पर काम भी होता है लेकिन कई बार कार्य आधा-अधूरा छोड़ दिया जाता है. सरकार पैसा भी खर्च करती है, लेकिन इसके लाभ से लोग वंचित रहते हैं. यह सिस्टम में कमी हो दर्शाता है. हनवारा : महगामा प्रखंड […]
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उदासीनता. नारायणी व गोरगामा के किसानों को हो रही परेशानी
सरकार योजना शुरू करती है, योजना पर काम भी होता है लेकिन कई बार कार्य आधा-अधूरा छोड़ दिया जाता है. सरकार पैसा भी खर्च करती है, लेकिन इसके लाभ से लोग वंचित रहते हैं. यह सिस्टम में कमी हो दर्शाता है.
हनवारा : महगामा प्रखंड के गढ़ी पंचायत अंतर्गत नारायणी एवं गोरगामा के बीच किसानों के सिंचाई को ध्यान में रखते हुए चेक डैम बनाया गया था. संवेदक द्वारा आधा-अधूरा काम छोड़ कर चले जाने के कारण क्षेत्र के किसान आज सिंचाई सुविधा से पुरी तरह से महरूम हैं.
क्षेत्र के किसानों ने चार साल पूर्व बन रहे चेक डैम को लेकर उम्मीद लगाये बैठे थे कि निर्माण से क्षेत्र के करीब पांच सौ एकड़ जमीन में फसल लहलहायेगी. लेकिन स्थिति आज पुरी तरह से विपरीत है.
चेक डैम जहां आज जीर्ण-शीर्ण हालत में हैं वहीं किसान इस चेक डैम के उपयोग नहीं होने के कारण रोष में हैं. किसानों के अनुसार नौ लाख की राशि गोरगामा के चेक डैम के निर्माण में खर्च की गयी थी. कम बारिश को देखते हुए किसानों की उम्मीद भी टूट रही है. मजे की बात तो यह है कि जिस चेक डैम का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है. उसी चेक डैम के ऊपर के मैदान में ट्यूबवेल भी लगाया गया है. दोनों ही मामले में किसान पुरी तरह से बरबाद हैं.
चेकडैम निर्माण में अब तक नौ लाख की राशि हो चुकी खर्च
किसान मॉनसून पर सिंचाई के लिए आश्रित
किसानों की सरकारी व्यवस्था से टूट रही उम्मीद
क्या कहते हैं किसान
चार साल पूर्व चेक डैम का निर्माण कार्य प्रारंभ होते ही मन प्रसन्न हुआ था, लेकिन अब दु:खी हैं. काम कराने वाले संवेदक भी काम छोड़ फरार हो गया है. जिसे देखने वाला कोई नहीं है.
-मो जैनुल अंसारी, किसान नारायणी गांव.
चेक डैम का निर्माण पूरा हो जाता तो किनारे बनाये गये ट्यूबवेल का भी पूरा लाभ लेता. चेक डैम के साथ ट्यूबवेल भी बेकार हो गया है.
-मो सुल्तान अंसारी, किसान.
चेक डैम का काम आधा अधूरा रह गया और जोरिया के उपर ट्यूबवेल भी बना दिया गया है. इस कारण चेक डैम व ट्यूब वेल दोनों ही बेकार साबित हो रहा है.’’
-सज्जाद अंसारी, वार्ड पार्षद.
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