400 की आबादी एक चापाकल पर निर्भर

Updated at : 15 Jun 2017 5:36 AM (IST)
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400 की आबादी एक चापाकल पर निर्भर

प्रभात खबर आपके द्वार. कुसुमघाटी के डहुआ हरिजन टोला में समस्याओं का अंबार इस आधुनिक दौर में जहां लोग मंगल ग्रह पर बसने का सपना संजो रहे हैं. वहीं आज भी ऐसे कई गांव हैं जहां विकास की रोशनी नहीं पहुंची है. कई गांवों में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं है. आज भी शौच के लिए […]

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प्रभात खबर आपके द्वार. कुसुमघाटी के डहुआ हरिजन टोला में समस्याओं का अंबार

इस आधुनिक दौर में जहां लोग मंगल ग्रह पर बसने का सपना संजो रहे हैं. वहीं आज भी ऐसे कई गांव हैं जहां विकास की रोशनी नहीं पहुंची है. कई गांवों में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं है. आज भी शौच के लिए कई ग्रामीण बाहर जाने को विवश हैं.
बोआरीजोर : प्रखंड के कुसुमघाटी पंचायत के डहुआ हरिजन टोला में बुधवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया. इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं साझा की. गांव में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. गांव न तो पानी है न ही शौचालय. इंदिरा आवास, पेंशन का लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है. मालूम हो 100 घरों में कुल 400 लोग गुजर-बसर करते हैं. लोगों को इंदिरा आवास भी नहीं मिला है.
ज्यादातर ग्रामीण झोपड़ी में रहने को विवश हैं. ग्रामीणों ने बताया कि दो पंचायत में चुनाव बीत जाने के बाद भी टोले का विकास नहीं हो पाया है. शेड आदि से भी गांव के लोग वंचित हैं. गांव में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है. पूरा गांव एक ही चापाकल से पानी लेने को विवश हैं. गांव में दो सरकारी चापाकल हैं जिसमें से एक महिनाें से खराब पड़ा है. ग्रामीणों ने बताया कि 100 परिवार वाले हरिजन टोला गांव में एक भी ऐसा घर नहीं है जहां सरकार द्वारा शौचालय निर्माण कराया जा रहा है. ग्रामीण संपत मिर्धा, तालाबाबू मुर्मू, रामेश्वर मिर्धा आदि ने बताया प्रखंड प्रशासन भी शौचालय मुहैया नहीं करा रही है. पूरा गांव खुले में शौच जाने काे मजबूर हैं. ग्रामीण भीम सेन मुर्मू, कालेश्वर मिर्धा ने बताया कि गांव में कई ऐसे वृद्ध व विधवा महिलाएं हैं जिन्हें पेंशन सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है. बताया कि ग्रामीण प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट काट कर थक चुके हैं.
एक भी घर में नहीं है शौचालय, झोपड़ी में कटती है जिंदगी
क्या कहते हैं ग्रामीण
गांव में डीप बोरिंग नहीं है. चापानल भी खराब पड़ा हुआ है. गांव में सबसे पड़ी समस्या पानी की है.
– बजरंगबली मिर्धा, ग्रामीण.
वृद्ध व विधवा लगातार प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं. मगर उनका काम नहीं हो रहा है. पेंशन के लाभ से लाभुक वंचित हैं. कोई ध्यान नहीं दे रहा है.
– कलावती देवी, ग्रामीण.
सरकार से शौचालय निर्माण की मांग करते हैं. शौचालय नहीं रहने से पूरा गांव खुले में शौच जाने को विवश है.
-देवीमय सोरेन, ग्रामीण.
कतार में लग कर पानी भरना पड़ता है. घंटों भीड़ लगी रहती है. इस कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है.
– सीमा कुमारी, ग्रामीण
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