बेंगाबाद में सड़क पर जल जमाव से बढ़ी परेशानी

Edited by PRADEEP KUMAR
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Giridih News :बेंगाबाद पंचायत में समस्या खत्म होने के बजाय बढ़ती जा रही है. समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से आवश्यक पहल की मांग की है. हाल में हुई बारिश से जल जमाव होने पर लोगों को चलने में भी दिक्कती हो रही है.

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बेंगाबाद-लुप्पी मुख्य मार्ग की मरम्मत का कार्य आरइओ विभाग से कराया जा रहा है. बेंगाबाद से आदर्श नगर, फुरसोडीह, हाडोडीह, घाघरा गांव तक पीसीसी का निर्माण कराया गया है. पीसीसी निर्माण को इस तरह कर दिया गया है कि बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जा रहा है. पानी निकलने से लिए स्लोपिंग नहीं किये जाने से सड़क पर जमा पानी राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के समय बार-बार संवेदक से सुधार की मांग की, लेकिन संवेदक पर कोई असर नहीं पड़ा. अब हल्की बारिश में ही बेंगाबाद से आदर्श नगर तक बीच सड़क पर पानी जमा हो जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है, वहीं सड़क किनारे बसे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है.

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दो दिनों से जलापूर्ति बंद, बिल के लिए बनाया जा रहा है दबाव

इधर, तीन माह से पानी के लिए संकट झेल रहे ग्रामीणों को परेशानी जलापूर्ति बंद होने से फिर बढ़ गयी है. अप्रैल माह के शुरुआती सप्ताह में बीडीओ सुनील कुमार मुर्मू की सक्रियता से जलापूर्ति योजना शुरू करा दी गयी, लेकिन पिछले दो दिनों से पुनः जलापूर्ति बंद हो गयी है. विभागीय अधिकारी कनेक्शनधारियों पर बिल जमा करने का दबाव बना रहे हैं. जबकि कनेक्शनधारी सुचारू रूप से पानी चलने के बाद बिल देने की बात पर अड़े हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जनवरी से मार्च तक जलापूर्ति योजना बंद रही, बावजूद उक्त अवधि का बिल जमा करने का ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है. विभाग से कनेक्शनधारियों को नोटिस भी थमाया जा रहा है.

बिना जलापूर्ति बिल के लिए नोटिस थमाना गलत : स्थानीय पंसस नीतू कुमारी का कहना है कि जनवरी से मार्च तक पानी नहीं चला है तो ग्रामीण बिल क्यों देंगे. इसके लिए नोटिस थमाया कहीं से उचित नहीं है. कहा कि सुचारू रूप से ग्रामीणों को पानी ही नहीं मिल रहा है, ऊपर से बिल वसूली का दबाव बनाया जा रहा है, जो कहीं से उचित नहीं है. वहीं विभागीय स्तर से कितना बिल कनेक्शनधारियों को देना है, यह भी सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है, जिससे घोटाला होने का अंदेशा है. उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जलापूर्ति शुरू होने के बाद नियत तिथि को कैंप लगाकर बिल वसूली की बात कही है.

बिल नहीं देने से बंद है जलापूर्ति : इधर, जेइ राज आनंद का कहना है कि संबंधित गांवों के जलसहिया को बिल वसूली के काम में लगाया गया है, लेकिन ग्रामीण बिल नहीं दे रहे हैं, जिस कारण जलापूर्ति बंद है.

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