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तिसरी : कई क्षेत्रों में नल जल योजना के लाभ से ग्रामीण वंचित

Updated at : 27 May 2024 10:56 PM (IST)
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तिसरी : कई क्षेत्रों में नल जल योजना के लाभ से ग्रामीण वंचित

तिसरी प्रखंड में पिछले दो वर्षों से चल रही नल जल योजना विभागीय उदासीनता की भेंट चढ़ गयी है. संवेदकों की मनमानी और कामकाज में अनियमितता को देखनेवाला कोई नहीं.

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तिसरी. तिसरी प्रखंड में पिछले दो वर्षों से चल रही नल जल योजना विभागीय उदासीनता की भेंट चढ़ गयी है. संवेदकों की मनमानी और कामकाज में अनियमितता को देखनेवाला कोई नहीं. तिसरी प्रखंड के सुदूरवर्ती वन क्षेत्रों में उक्त योजना में घोर अनियमितता बरतने की शिकायतें भी सामने आयीं. नतीजतन योजना कारगर नहीं होने से ग्रामीण इसके लाभ से वंचित हैं.

प्रखंड मुख्यालय से सटे गांवों में योजना बेहाल :

प्रखंड कार्यालय से एक-दो किमी के दायरे में बसे गांवों में योजना के तहत लाखों की लागत के सोलर पैनल युक्त टंकियां लीक करने लगी हैं, तो कहीं बोरिंग फेल है. यही नहीं, कुछ जगह तो पुरानी बोरिंग से ही नयी पानी टंकी को जोड़ दिया गया है. इसके अलावे ऐसी शिकायतें लोकाई पंचायत समेत कई पंचायतों से तो हुई है.

केस स्टडी-एक

तिसरी पंचायत के अबरखा गांव में एक वर्ष पूर्व ही जलापूर्ति के लिए 12 लाख रु से ज्यादा का सोलर सिस्टम के तहत पानी टंकी बनायी गयी है. पाइपलाइन भी बिछा दी गयी, पर आठ माह तक उसे चालू नहीं किया गया. दो माह पूर्व आवाज उठी, तो संवेदक ने उक्त टंकी में पानी तो भर दिया, पर पानी नीचे गिर गया. इसके बाद संवेदक ने बहाना बना कर उसे छोड़ दिया. लगभग 60 से ज्यादा घरों वाला गांव उक्त योजना के लाभ से वंचित है. ग्रामीणों ने कहा कि उम्मीद जगी थी कि योजना के तहत हर घर में जलापूर्ति होगी, पर यहां बनी टंकी में लीकेज है. विदित हो कि पानी टंकी बने एक वर्ष हो गया है.

केस स्टडी-दो

तिसरी पंचायत के केवटाटांड़ गांव में बना सोलर जलमीनर में लीकेज है. पंदनाटांड़, जिनाडीह आदि गांवों में पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है. इधर, तिसरी पंचायत के ही कुड़ियामो में पुरानी बोरिंग में ही उक्त योजना के तहत बनी पानी टंकी जोड़ दी गयी है. कुल मिलाकर जब तिसरी प्रखंड मुख्यालय स्थित ही उक्त गांव में नल जल योजना के तहत किये गये कार्यों में संवेदकों ने मनमानी और घोर अनियमितता बरती है, तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रखंड के सुदूरवर्ती जंगल क्षेत्रों में इस योजना के तहत किये गये कार्यों का फलाफल क्या हुआ होगा.

अनियमितता पर होगी कार्रवाई : जेई

पेयजल व स्वच्छता विभाग के जेई मणिकांत ने कहा कि कुछ जगहों से निश्चित रूप से शिकायतें आयी हैं और समस्याओं का समाधान भी किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर टंकी लीकेज की बात सही पायी गयी तो संवेदक से टंकी का दुबारा निर्माण करवाया जायेगा. अनियमितता बरते जाने पर संबंधित संवेदकों पर कार्रवाई भी की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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