Giridih News :उमवि गोरियांचू बना विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत्र

Published by : PRADEEP KUMAR Updated At : 07 Feb 2026 11:41 PM

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वर्तमान में सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में विद्यालयों में अनियमितता व खानापूर्ति की बात सामने आती रहती है. विद्यालयों का बंद रहना, उपस्थिति बनाकर शिक्षकों का गायब हो जाना आम बात हो गयी है. वर्तमान समय में लगभग सभी विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं. इसके विपरीत सुदूर पर्वतीय क्षेत्र में स्थित जमडार पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोरियांचू क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है.

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यह विद्यालय प्रखंड मुख्यालय से लगभग 12 किमी की दूरी पर स्थित है. विद्यालय में कुल आठ कमरे हैं, जो जर्जर होते जा रहे हैं. एक कमरे का उपयोग आंगनबाड़ी व एक में कार्यालय है, जबकि छह कमरों का उपयोग पढ़ाई के लिए किया जाता है. यहां पहली से आठवीं तक 124 छात्र-छात्राएं नामांकित है. विद्यालय में शिक्षकों की संख्या तीन है. इन विपरीत परिस्थितियों में भी विद्यालय की साज सज्जा व व्यवस्था काबिले तारीफ है. विद्यालय में स्मार्ट कक्षा के अलावा कमरों में सहायक पाठ्य सामग्री आदि की भी व्यवस्था है.

पोषण व स्वच्छता के क्षेत्र में विद्यालय की है पहचान

उक्त विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ पोषण और स्वच्छता के क्षेत्र में एक अलग पहचान बना चुका है. इस विद्यालय में बच्चों को विद्यालय परिसर में तैयार की गयी पोषण वाटिका की हरी-ताजी सब्जियां मध्याह्न भोजन में परोसी जा रही है. कम संसाधनों के बावजूद विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. बता दें कि शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2019 में सरकारी विद्यालयों में बच्चों को पोषक हरी सब्जियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पोषण वाटिका की शुरुआत की गयी थी. गोरियाचूं विद्यालय में उगायी गयी सब्जियों का उपयोग नियमित रूप से मध्याह्न भोजन में किया जा रहा है.

बच्चों को मिल रहा है व्यावहारिक ज्ञान

पोषण वाटिका के माध्यम से बच्चों को बीज की बुआई, पौधरोपण, सिंचाई व देखभाल जैसे कार्यों से कृषि का व्यावहारिक ज्ञान भी मिल रहा है. इससे बच्चों में विज्ञान की गतिविधि आधारित, रचनात्मक और व्यावहारिक ज्ञान विकसित हो रहा है. जैविक खाद का प्रयोग कर सब्जियां उगायी जाती हैं. रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं किया जाता. पोषण वाटिका के कारण विद्यालय परिसर हरा-भरा और आकर्षक दिखाई देता है. इस समय पोषण वाटिका में पालक साग, धनिया पत्ता, मूली, बैंगन, टमाटर, पत्ता गोभी, मिर्च, चना, सरसों और बीन सहित विभिन्न प्रकार की हरी साग-सब्जियां लहलहा रही हैं.

फूल बढ़ा रहे विद्यालय की सुंदरता

यहां गुलाब, गेंदा आदि के फूल भी परिसर में लगाये गये हैं जो विद्यालय की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं. विद्यालय का शैक्षणिक माहौल भी काफी बेहतर है, जिसका सकारात्मक परिणाम यह है कि यहां के बच्चे शिक्षा व खेलकूद में राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्यामदेव राय ने बताया कि पोषण वाटिका विद्यालय परिवार के सामूहिक परिश्रम का परिणाम है, जिससे बच्चों को स्वस्थ वातावरण में शिक्षा मिल रही है.

मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए हुआ चयन

विद्यालय का परिसर शौचालय आदि की स्वच्छता सराहनीय है. हाल ही में मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए विद्यालय का चयन हुआ है. विद्यालय का छात्र अमन नेशनल स्तर पर योगासन चैंपियनशिप में स्थान ला चुका है. विद्यालय की व्यवस्था की चर्चा के बाद प्रखंड के वरीय पदाधिकारियों भी करते हैं. विदेशी भी इस विद्यालय का अवलोकन कर चुके हैं. सुव्यवस्था के कारण यह विद्यालय क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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