Giridih News :कृषि पदाधिकारी बन ठगी करने वाले दो भेजे गये जेल

Published by : PRADEEP KUMAR Updated At : 21 Jan 2026 11:55 PM

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कृषि पदाधिकारी बनकर किसानों को सरकारी योजना के तहत कृषि यंत्र दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो शातिर अपराधियों को नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डुमरी थानांतर्गत खुद्दीसार निवासी धर्मेंद्र वर्मा (29) और 36 वर्षीय सुनील वर्मा (36) के रूप में की गयी है. इस बाबत बुधवार को नगर थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में सिटी डीएसपी नीरज कुमार सिंह ने पूरे मामले का खुलासा किया.

किसानों को अलग-अलग इलाकों में बुलाते थे

डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपी लगभग पांच वर्षों से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे थे. आरोपी खुद को कृषि विभाग का अधिकारी बताकर किसानों से संपर्क करते थे और उन्हें सब्सिडी पर कृषि यंत्र दिलाने का भरोसा दिलाते थे. ठगी के लिए आरोपी ग्राम पंचायत सचिवालय एवं प्राथमिक विद्यालयों के बाहर लगे बोर्ड से अध्यक्ष, सचिव व सदस्यों के नाम और मोबाइल नंबर जुटाते थे. इसके बाद उन्हीं नंबरों का उपयोग कर किसानों को फोन कर विश्वास में लेते थे. कई बार किसानों को शहर के अलग-अलग इलाकों में बुलाकर उनसे रुपये ऐंठे जाते थे. डीएसपी ने बताया कि गत 19 जनवरी को बेंगाबाद थानांतर्गत पारडीह निवासी अमृत कुमार वर्मा के साथ भी ऐसी ही घटना हुई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों व गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया.

रिश्तेदारों और करीबियों के जरिये जुटाते थे नंबर

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ठगी के इस संगठित नेटवर्क को चलाने में आरोपियों ने अपने नजदीकी परिचितों और रिश्तेदारों का सहारा लिया. आरोपी अपने आसपास के लोगों से किसानों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के मोबाइल नंबर जुटाते थे. कई मामलों में रिश्तेदारों और करीबी लोगों के माध्यम से भी मोबाइल नंबर उपलब्ध कराये जाते थे. फोन पर विश्वास में लेने के बाद वे उसे मिलने के लिए बुलाते थे और पैसे लेकर आधार कार्ड, पेन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज की फोटो कॉपी करवाकर आने के लिए कहकर वे लोग फरार हो जाते थे. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पूरे कांड का मुख्य सरगना सुनील वर्मा है. वह पेशे से एक सहायक शिक्षक बताया जा रहा है. इसी छवि की आड़ में वह लंबे समय से ठगी की गतिविधियों को संचालित कर रहा था. फिलहाल वह नावाडीह प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत था.

अबतक सौ लोगों को लगा चुका है चूना

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी करीब पांच वर्षों में अब तक लगभग 100 लोगों से लाखों की ठगी कर चुके हैं. मामले की गंभीरता देख नगर थाना पुलिस छापेमारी करते हुए डुमरी थाना क्षेत्र के खुद्दीसार गांव पहुंची. यहां से तीन लोगों को हिरासत में लिया गया. हिरासत में लिये गये सभी संदिग्धों को थाना लाकर कड़ी पूछताछ की गयी. पूछताछ के दौरान दो आरोपियों सुनील वर्मा और धर्मेंद्र वर्मा ने ठगी से जुड़े पूरे नेटवर्क और अपने तौर-तरीकों का खुलासा किया. पुलिस को दोनों के खिलाफ कई अहम सुराग और साक्ष्य मिले. वहीं, तीसरे व्यक्ति की भूमिका की भी गहन जांच की गयी, पर प्राथमिक जांच में उसके खिलाफ ठगी में संलिप्तता के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले. इसके बाद पुलिस ने उसे पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया.

पृष्ठभूमि का पता लगाया जा रहा है : डीएसपी

डीएसपी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि इन आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि का भी पता लगाया जा रहा है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मामले में कोई और भी तो शामिल नहीं है. छापेमारी दल में नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन कुमार, एसआई एनुल हक़, एएसआई प्रमोद प्रसाद, एएसआई प्रवीण कुमार एवं सशस्त्र बल शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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