Giridih News :सरिया प्रखंड से धड़ल्ले से हो रहा बालू का अवैध कारोबार

Updated at : 05 Apr 2026 10:46 PM (IST)
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Giridih News :सरिया प्रखंड से धड़ल्ले से हो रहा बालू का अवैध कारोबार

Giridih News :सरिया प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न नदी घाटों से बालू का अवैध कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है. यह गोरखधंधा प्रशासन के नाक के नीचे से हो रहा है. बावजूद संबंधित अधिकारी अंजान बने हुए हैं, जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है.

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जानकारी के अनुसार अब तक सरकार ने सरिया प्रखंड के किसी भी बालू घाट की नीलामी नहीं की है. बावजूद सैकड़ों ट्रैक्टर बालू का खनन प्रतिदिन हो रहा है. लोग नियम की धज्जियां उड़ाते बराकर पुल से महज 150 मीटर दूर बालू का खनन कर रहे हैं. इससे पुल पर खतरा उत्पन्न हो गया. वहीं, नदियों पर भी संकट गहराता जा रहा है.

इन घाटों से होता उठाव

बता दें कि सरिया प्रखंड के बराकर नदी के खैराघाट, उर्रो (हल्दिया) घाट, बागोडीह, राजदहधाम बालू घाट तथा सरिया-राजधनवार मुख्य पथ स्थित बराकर पुल के अलावे खेढुवा नदी के बालू घाटों से बालू का उठाव हो रहा है. बालू ट्रैक्टरों के माध्यम से सरिया, बगोदर, बिरनी, विष्णुगढ़ समेत अन्य प्रखंडों में ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है.

सुबह चार से सात बजे तक बड़े पैमाने पर हो रहा खनन

नदी घाटों पर प्रतिदिन सुबह चार बजे से लेकर सात बजे तक बड़े पैमाने खनन कर बालू लोड किया जाता है. इन बालू घाटों से प्रतिदिन 400-500 ट्रैक्टर बालू का खनन हो रहा है. जैसे-तैसे खनन से पुल के खंभे की जड़ों के पास लगभग तीन फीट बालू-मिट्टी का कटाव हो चुका है. वहीं, जलस्तर भी नीचे पहुंच गया है. सफेद सोना (बालू) के कारोबारी इतने निर्भीक हैं की दिन के उजाले में भी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय होकर शान से गुजरते हैं. सुबह चार से सात तक ट्रैक्टरों का रेला लगा रहता है. नाबालिग बच्चे भी ट्रैक्टर चला रहे हैं. इस दौरान सड़क के नियमों का भी पालन नहीं हो पाता. इसके कारण दुर्घटनाएं होतीं हैं. अवैध बालू लदे अधिकांश ट्रैक्टर बगोदर की ओर जाते हैं.

बगोदर में किया जाता है डंप

वहीं, बराकर नदी के खैराघाट से बालू कोयरीडीह, चिचाकी होते हुए जीटी रोड बगोदर पहुंचते हैं. यहां बालू का डंप कर बिहार, उत्तर प्रदेश समेत राज्यों में ऊंचे दामों में बेचा जाता है. जिस मार्ग से बालू की ढुलाई होती है, उसी रास्ते में एसडीएम, एसडीपीओ, इंस्पेक्टर, सीओ, बीडीओ व वन क्षेत्र अधिकारी का कार्यालय है. बावजूद प्रशासन के द्वारा इस गोरखधंधे में लगे कारोबारी की रोकथाम के प्रति कभी गंभीरता नहीं दिखाई देती है. स्थानीय नागरिक प्रशासन को सूचना भी देते हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती. अवैध बालू लदे ट्रैक्टर सरिया बाजार के मुख्य मार्ग होते हुए रांची-दुमका मुख्य मार्ग से बेधड़क गुजरते हैं.

कभी-कभी होती है कार्रवाई

वरीय अधिकारियों की नजर में स्वयं को पाक साफ साबित करने के लिए कभी-कभार अधिकारी दो-चार ट्रैक्टरों को जब्त कर लेते हैं. लेकिन, मजे के बात यह है कि अधिकांश मामलों में चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग जाता है. लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों की मंशा साफ होती, तो इस तरह खुले आम अवैध रूप से बालू का कारोबार संभव नहीं होहै. बालू माफियाओं को किसी का डर नहीं है. प्रतिदिन लगभग पांच-छह लाख के बालू की बिक्री होती है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन तथा खनन विभाग से मांग की है कि उक्त मामले में शक्ति से कार्यवाही की जाये. लापरवाही बरतने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय हो, जिससे सरकार को हो रहे राजस्व की हानि पर रोक के साथ-साथ नदियों का अस्तित्व बचा रहे.

क्या कहते हैं सीओ

इस संबंध में सरिया के सीओ अंचलाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि बालू के अवैध खनन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है. कई बार छापेमारी की जा चुकी है. इस दौरान अवैध रूप से बालू ले जाते ट्रैक्टर को जब्त किया गया है. ट्रैक्टर मालिक के विरुद्ध कार्रवाई भी हुई है. आगे भी यह जारी रहेगा.

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