Giridih News :नहीं मिला पानी, तो रोकेंगे अधिकारियों व नेताओं की आवाजाही

Edited by PRADEEP KUMAR
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Giridih News :बेंगाबाद पंचायत के विभिन्न गांवों के ग्रामीण गत एक माह से जल संकट से जूझ रहे हैं. जलापूर्ति योजना के बंद होने से यह संकट उत्पन्न हुआ है. भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पानी के लिए चापाकल व कुआं का सहारा मजबूरी है. इधर, बेंगाबाद मंदिर प्रांगण की डीप बोरिंग से पानी लेने को सुबह-सुबह आसपास के ग्रामीण जुट रहे हैं.

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बेंगाबाद पंचायत. जल संकट से परेशान ग्रामीणों ने अधिकारियों को चेताया

अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की आवाजाही रोक दी जायेगी

अधिकारियों को खाली डब्बा भेंट किया जायेगा

योजना संचालन की जिम्मेदारी नहीं लेने से हुई समस्या उत्पन्न

बेंगाबाद पंचायत के विभिन्न गांवों के ग्रामीण गत एक माह से जल संकट से जूझ रहे हैं. जलापूर्ति योजना के बंद होने से यह संकट उत्पन्न हुआ है. भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पानी के लिए चापाकल व कुआं का सहारा मजबूरी है. इधर, बेंगाबाद मंदिर प्रांगण की डीप बोरिंग से पानी लेने को सुबह-सुबह आसपास के ग्रामीण जुट रहे हैं. संकट को लेकर विभागीय या जनप्रतिनिधियों की उदासीनता देख ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि समस्या की निदान शीघ्र नहीं हुआ तो बेंगाबाद चौक से अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के वाहनों का आवागमन रोक दिया जायेगा.

योजना का संचालन बना सिरदर्द

बेंगाबाद पंचायत के विभिन्न गांवों में पेसराटांड़ नदी में बने इंटेक वेल के सहारे संचालित जलापूर्ति योजना के तहत नल से पानी उपलब्ध कराया जा रहा था. पांच सालों तक संवेदक की ओर से योजना संचालित की जा रही थी. इसके बाद योजना विभाग को हस्तांतरित कर दी गयी. अब इसका संचालन जल एवं स्वच्छता समिति को करनी है. इधर, स्थानीय समिति पुराना हिसाब-किताब नहीं मिलने की बात कहकर अबतक इसे टेकओवर नहीं लिया है. इस स्थिति में पूर्व में भी जलापूर्ति बाधित रही है. ग्रामीणों की समस्या के मद्देनजर विभाग ने अपने स्तर से इसका संचालन किया. कनेक्शनधारियों को प्रतिमाह दो सौ रु शुल्क निधारित करते हुए एक व्यक्ति को वसूली की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी, पर बाजार के उपभोक्ताओं को छोड़ ग्रामीण क्षेत्र से वसूली नहीं हो पा रही थी. विभाग का कहना है कि प्रतिमाह तीस हजार रु का खर्च आता है, पर शुल्क नहीं मिलने के कारण इसके संचालन में परेशानी हो रही है.

विकट संकट से आशंकित हैं ग्रामीण

स्थानीय पंसस संगीता देवी, नीतू देवी, प्रवीण राम, रामलाल मंडल सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि जलापूर्ति योजना के बंद होने की जानकारी विभाग के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी दी गयी है. बीडीओ और सीओ को भी इसकी शिकायत की गयी है, पर अबतक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है. नतीजतन एक माह से जलापूर्ति नहीं हो रही है. जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी परेशानी और विकट होती जायेगी. ग्रामीणों ने कहा कि शीघ्र जलापूर्ति योजना चालू नहीं की गयी तो बेंगाबाद चौक से अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के वाहनों को रोक दिया जायेगा. खाली डब्बा भेंट करते हुए सभी से पानी उपलब्ध कराने की मांग की जायेगी. कहा इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी, तो ग्रामीण हंडिया-डब्बा के साथ सड़क पर उतरने को विवश होंगे.कोट:::

तीस हजार प्रति माह खर्च कर पाना संभव नहीं : जेईइधर, कनीय अभियंता (जेई) राज आनंद का कहना है कि शुल्क की वसूली नहीं होने की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गयी है. बिना शुल्क जमा किये प्रतिमाह तीस हजार रु खर्च कर पानी चालू कर पाना संभव नहीं है. कहा कि इस दिशा में पहल के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सजगता दिखानी चाहिए.

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