Giridih News: यातायात थाना का भवन जर्जर, दुर्घटना की बनी रहती है आशंका
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 25 Nov 2024 10:53 PM
Giridih News: शहरी क्षेत्र के मकतपुर स्थित यातायात थाना का भवन काफी दिनों से जर्जर अवस्था में है. बताया गया कि यातायात थाना के स्थापना के समय भी भवन की हालत जर्जर ही थी. जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे भवन की स्थिति और भी जर्जर अवस्था में पहुंच गयी है. मरम्मत के अभाव में यातायात थाना की बिल्डिंग अब जगह-जगह टूट-टूटकर गिर रही है.
शहरी क्षेत्र के मकतपुर स्थित यातायात थाना का भवन काफी दिनों से जर्जर अवस्था में है. बताया गया कि यातायात थाना के स्थापना के समय भी भवन की हालत जर्जर ही थी. जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे भवन की स्थिति और भी जर्जर अवस्था में पहुंच गयी है. मरम्मत के अभाव में यातायात थाना की बिल्डिंग अब जगह-जगह टूट-टूटकर गिर रही है जिससे थाना में कार्यरत पुलिस कर्मियों को हमेशा हादसे का डर बना रहता है. बताया गया कि यातायात थाना प्रभारी ने 4 वर्ष पूर्व भवन प्रमंडल को पत्र लिखकर यातायात थाना की बिल्डिंग निर्माण कराए जाने की मांग की थी. लेकिन इसके बावजूद भवन निर्माण का काम नहीं हो सका. बताया गया कि यातायात थाना में कुल में 42 पुलिस कर्मी कार्यरत हैं. इसके अलावा थाना में प्रतिदिन आम जनता का आवागमन 24 घंटे रहता है. जबकि भवन जर्जर के भय से एक भी पुलिस कर्मी थाना भवन में नहीं रहते हैं. ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारी और पुलिस कर्मियों को रहने के लिए दो मंजिला आवासीय पुलिस भवन का निर्माण थाना परिसर में किया गया है. यह भवन भी जर्जर हो गया है. पू्र्व में ट्रैफिक इंस्पेक्टर समेत कई ट्रैफिक थाना के अधिकारी यहां रहा करते थे, लेकिन बिल्डिंग के जर्जर होने की वजह से वह लोग भी वहां रहना छोड़ दिये.
वर्ष 2018 में यातायात थाना की हुई थी स्थापना
बता दें कि गिरिडीह ज़िले में वर्ष 2018 में यातायात थाना की स्थापना शहर में बढ़ती जाम की समस्याओं को देखते हुए की गई थी. उक्त समय से ही यह थाना की बिल्डिंग जर्जर थी, लेकिन उस समय काम चलाने लायक़ थी. लेकिन साल बीतने के साथ ही यह बिल्डिंग का रिपेयरिंग नहीं करवाया गया जिससे बिल्डिंग ओर भी जर्जर हो गया. बिल्डिंग के जर्जर होने की वजह से जान का ख़तरा तो हमेशा बना रहता है. रात के समय में भी पूरा यातायात थाना ख़ाली रहता है.क्या कहते हैं ट्रैफिक इंस्पेक्टर
ट्रैफिक इंस्पेक्टर दुग्गन टप्पो ने बताया कि जान की बाजी लगाकर रोज वहां बैठना पड़ता है. बिल्डिंग गिरने का भय हमेशा बना रहता है. कई बार यातायात थाना के निर्माण को लेकर भवन प्रमंडल विभाग को पत्र लिखकर दिया गया है, लेकिन अब तक इसपर कोई पहल नहीं हो पाई है. उन्होंने बताया कि बिल्डिंग में कई लोगों के रहने के लिए रूम भी है, लेकिन बिल्डिंग जर्जर रहने के लिए वहां कोई रहता नहीं है. थाना में 1 ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 4 अधिकारी समेत 37 सहायक पुलिस के जवान है जिसमें से कुछ लोग पहले यह बिल्डिंग में रहते थे. उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द ही इसपर कुछ निर्णय लेने की मांग की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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