Giridih News: बंगराकला में 36 वर्षों से वैष्णवी रीति से की जा रही मां जगतजननी की पूजा

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Giridih News: बंगराकला में 36 वर्षों से वैष्णवी रीति से की जा रही मां जगतजननी की पूजा

Giridih News: बिरनी प्रखंड मुख्यालय के बंगराकला में 1989 से से चैती वासंतिक नवरात्र में मां जगतजननी की पूजा अर्चना होती आ रही रही है. विजयादशमी के दिन ग्रामीणों के सहयोग से भव्य मेला का आयोजन किया जाता है.

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आचार्य अरुण कुमार शास्त्री ने बताया कि 35 वर्ष पहले स्व रामेश्वर पांडेय ने संतान प्राप्ति के लिए मां दुर्गा की की प्रतिमा स्थापित कर पूजा का निर्णय लिया. संकल्प लेने के बाद उनकी धर्मपत्नी ने एक पुत्र काे जन्म दिया. इसके बाद वे मिट्टी से बने खपड़ैल मकान में मां वासंती दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना करने लगे. धीरे-धीरे मां के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ने लगी. इसके बाद मंदिर बनाकर वैष्णवी रीति से मां की पूजा-अर्चना शुरू कर दी गयी.

पोखर में स्नान का भी है खास महत्व

रामेश्वर पांडेय के निधन के बाद उनके पुत्र मनीष पांडेय ग्रामीणों के सहयोग से पूजा कर रहे हैं. ग्रामीण विजय कुमार भारती ने कहा कि मंदिर के पास ही एक जियत पोखर है. जो भक्त इस पोखर में स्नान कर मां के दरबार में जाकर मन्नत मांगते हैं, मां उनकी मांगी गयी मुराद को अवश्य पूरा करती हैं. पूजा संपन्न कराने में शंकर साव, भुनेश्वर राणा, जहल साव, बिनोद मोदी, मिथलेश पांडेय, श्रीकांत पांडेय, विजय भारती, दयानंद पांडेय, रमाकांत साव, सीतराम यादव, महेंद्र मोदी, सुरेंद्र साव, त्रिभुवन ठाकुर, अजीत ठाकुर, बिशुन साव समेत कई लोग योगदान दे रहे हैं.

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Mayank Tiwari

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