Giridih News :आदिवासी समुदाय के खिलाफ एफआइआर की न्यायिक जांच की मांग

Updated at : 12 Feb 2025 11:39 PM (IST)
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Giridih News :आदिवासी समुदाय के खिलाफ एफआइआर की न्यायिक जांच की मांग

Giridih News :मरांग बुरू सांवता सुसार बैसी के सदस्यों ने मधुबन थाना कांड संख्या 13/2024 में निर्दोष लोगों को झूठा मुकदमा से मुक्त करने व केंद्र सरकार द्वारा जारी ऑफिस मेमोरेंडम नंबर 11-584/2014 -डब्ल्यूएल के संकल्प को समाप्त या संशोधित कर जुग जाहेर थान दिशोम मांझी थान क्षेत्र घोषित कर आदिवासी समाज को पारंपरिक पूजा करने में अवरोध को दूर करने की मांग की है.

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मरांग बुरू सांवता सुसार बैसी के सदस्यों ने मधुबन थाना कांड संख्या 13/2024 में निर्दोष लोगों को झूठा मुकदमा से मुक्त करने व केंद्र सरकार द्वारा जारी ऑफिस मेमोरेंडम नंबर 11-584/2014 -डब्ल्यूएल के संकल्प को समाप्त या संशोधित कर जुग जाहेर थान दिशोम मांझी थान क्षेत्र घोषित कर आदिवासी समाज को पारंपरिक पूजा करने में अवरोध को दूर करने की मांग की है. बुधवार को गिरिडीह परिसदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्था के जिलाध्यक्ष नुनका टुडू व सचिव सिकंदर हेंब्रम ने इस मामले में विस्तार से अपनी बातें रखीं. बताया कि उक्त मांग को लेकर राज्यपाल को एक ज्ञापन दिया गया है. श्री टुडू ने कहा कि मरांग बुरू जुग जाहेर थान संताल समाज का विश्व प्रसिद्ध धर्म गढ़ है. यहां वर्षों से पूजा पाठ हो रही है. 19 जुलाई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनकी पत्नी सह विधायक कल्पना सोरेन ने पूजा अर्चना की थी. वहां पर एक बकरे की बलि दी गयी थी. इस मामले में निर्दोष लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया गया है. यह उचित नहीं है. इस बाबत राज्यपाल व जिला प्रशासन को सूचना दी गयी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने इस मामले में जांच कराने की मांग की है. वहीं, सचिव श्री हेंब्रम ने कहा कि बकरे की बलि के मामले में प्रशासन ने नाटकीय ढंग से अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया. कुछ दिनों के बाद पांच आदमी के नाम पर प्राथमिकी दर्ज की गयी. कहा कि वर्षों से वहां पर आदिवासी रीति रिवाज के साथ पूजा पाठ की जा रही है. चूंकि उस दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व उनकी पत्नी कल्पना सोरेन आयी थी लिहाजा इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए. इस बाबत राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा गया है. आदिवासी समाज से जुड़े सांसदों व विधायकों को भी ज्ञापन देकर यह मांग किया गया है कि यह आदिवासी समाज के न्याय का मामला है. आदिवासियों के धार्मिक प्रचार का मामला है.कहा कि मुख्यमंत्री जिम्मेदारी लें कि आदिवासी समाज में ऐसे ही पूजा पाठ होती है. उन्होंने मुख्यमंत्री से मरांग बुरू को विवाद रहित करने की मांग की है. कहा कि आदिवासी समाज को वहां पर अपनी पूजा पद्धति को लेकर आजादी मिलनी चाहिए. कहा कि एक बकरे की बलि मामले में आयोजकों पर नहीं बल्कि देखने वालों पर झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपित सभी निर्दोष हैं.

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