सीजीएल परीक्षाओं के रद्द होने की खुशी में बगोदर में आतिशबाजी, छात्रों ने कहा- 23 दिनों का आंदोलन रंग लाया
अतिशबाजी करते हुए छात्रों की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
झारखंड में सीजीएल और जेपीएससी परीक्षाएं रद्द होने के बाद बगोदर में छात्रों ने आतिशबाजी कर सरकार के फैसले का स्वागत किया और खुशी जाहिर की।
बगोदर : झारखंड में सीजीएल और जेपीएससी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद छात्रों के बीच खुशी का माहौल है. रांची में पिछले 23 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बाद सरकार के फैसले का असर बगोदर में भी देखने को मिला. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की घोषणा की खबर मिलते ही छात्रों ने बगोदर चौक पर एकत्र होकर जमकर आतिशबाजी की और फैसले का स्वागत किया. देर रात करीब 10 बजे बगोदर चौक पर छात्रों ने आतिशबाजी कर अपनी खुशी जाहिर की. छात्रों का कहना था कि लंबे समय से चल रहा उनका आंदोलन आखिरकार रंग लाया है. आंदोलन के दौरान छात्रों ने कई तरह से अपनी आवाज उठाई और अब परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले से उन्हें राहत मिली है.
सीजीएल और जेपीएससी परीक्षाएं रद्द होने पर छात्रों में खुशी
बगोदर में मौजूद छात्रों ने कहा कि सीजीएल और जेपीएससी परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से छात्रों के बीच असंतोष था. रांची में 23 दिनों तक चले आंदोलन के बाद सरकार की ओर से परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की गयी. इस फैसले के बाद बगोदर के छात्रों ने भी एकजुट होकर खुशी मनायी. छात्रों ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. कुछ छात्रों ने भूख हडताल की, जबकि आंदोलन के दौरान छात्रों को लाठियां भी खानी पड़ी. इसके बावजूद छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे रहे. अब सरकार के फैसले को छात्र अपने संघर्ष का परिणाम बता रहे हैं.
कैलाश कुमार ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
सीजीएल छात्र कैलाश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया है. इसके लिए सभी छात्र मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हैं. उन्होंने कहा कि 23 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद सरकार की ओर से लिया गया निर्णय छात्रों के लिए राहत देने वाला है. छात्रों को उम्मीद है कि आगे होने वाली सभी परीक्षाओं का आयोजन पूरी तरह साफ और पारदर्शी तरीके से किया जायेगा. कैलाश कुमार ने कहा कि परीक्षाओं को लेकर छात्रों की सबसे बडी अपेक्षा निष्पक्षता और पारदर्शिता की है. जिन परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है, उनके बाद होने वाली परीक्षा प्रक्रिया पर भी छात्रों की नजर रहेगी.
23 दिनों के आंदोलन को छात्रों ने बताया संघर्ष की जीत
बगोदर में आतिशबाजी कर रहे छात्रों ने कहा कि रांची में 23 दिनों तक चला आंदोलन आसान नहीं था. इस दौरान छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठायी. आंदोलन में भूख हडताल से लेकर विभिन्न प्रकार के विरोध प्रदर्शन किये गये. छात्रों का कहना था कि आंदोलन के दौरान उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन वे अपनी मांग से पीछे नहीं हटे. अब परीक्षाएं रद्द होने की घोषणा के बाद छात्रों को लग रहा है कि उनका संघर्ष सफल हुआ है.
बगोदर चौक पर देर रात मनी खुशियां
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद देर रात करीब 10 बजे बगोदर चौक पर छात्र जुटे. इसके बाद जमकर आतिशबाजी की गयी. छात्रों ने एक दूसरे को बधाई दी और आंदोलन के सफल होने पर खुशी जाहिर की. मौके पर समय सिंह, कैलाश कुमार के अलावा अन्य छात्र भी मौजूद थे. छात्रों ने कहा कि सरकार के फैसले के बाद अब उनकी उम्मीद आगे की परीक्षा प्रक्रिया से जुडी है. वे चाहते हैं कि भविष्य में परीक्षाओं के आयोजन में पूरी पारदर्शिता बरती जाये, ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा बना रहे.
अब साफ और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया की उम्मीद
छात्रों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द करना मौजूदा स्थिति में एक बड़ा निर्णय है, लेकिन आगे की प्रक्रिया भी उतनी ही साफ होनी चाहिए. अभ्यर्थियों की मांग है कि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाये. छात्रों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द करना मौजूदा स्थिति में एक बड़ा निर्णय है, लेकिन आगे की प्रक्रिया भी उतनी ही साफ होनी चाहिए. अभ्यर्थियों की मांग है कि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाये. बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए परीक्षा प्रक्रिया का भरोसेमंद होना बेहद जरूरी है. बगोदर के छात्रों ने भी साफ कहा कि अब वे चाहते हैं कि आगे किसी भी परीक्षा को लेकर ऐसी स्थिति पैदा न हो. बगोदर में हुई आतिशबाजी छात्र आंदोलन की उस खुशी को दिखाती है, जो 23 दिनों के संघर्ष के बाद फैसले के रूप में सामने आयी. अब छात्रों की निगाह इस बात पर रहेगी कि आगे सीजीएल और जेपीएससी से जुडी परीक्षा प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है और परीक्षाओं के आयोजन में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है.
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