जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने यह बातें शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहीं. उन्होंने कहा कि बूथवार जिन मतदाता का नाम पूर्व एसआइआर में किसी अन्य राज्य में दर्ज है उनकी भौतिक मैपिंग करते हुए इसकी विवरणी तैयार की जानी है. इसके साथ ही बीएलओ बूथों के पुनर्गठन के आधार पर नेशनल गृह संख्या आवंटित करेंगे. इसके लिए राज्य स्तरीय कार्यकारी एजेंसी से स्टिकर प्राप्त हो चुका है. इसे संबंधित सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को उपलब्ध करा दिया गया है. बीएलओ के मैपिंग कार्य की चेकिंग करने तथा ऑनलाइन नाम सर्च करने के संबंध में जानकारी दी गयी.
पब्लिक आउटरीच प्रोग्राम पर बल
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पब्लिक आउटरीच प्रोग्राम के जरिये सीधे मतदाताओं से जुड़ें एवं मैपिंग के कार्य को गति दें. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के सुदृढ़ीकरण के लिए अधिकाधिक मैपिंग करने से मतदाताओं को मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान आसानी होगी. उन्होंने कहा कि निर्वाचन संबंधी कार्य एक अत्यंत संवेदनशील एवं जिम्मेदारीपूर्ण प्रक्रिया है. इसलिए कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाये और उनकी पहचान पूरी तरह सत्यापित हो, इसे लक्ष्य बनाकर कार्य करना चाहिए.
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