वह फैक्ट्री में ड्राइवर पद पर कार्यरत था. मृतक के परिजनों ने बताया कि फैक्ट्री में कार्य के दौरान दो क्रेन आपस में टकरा गये. हादसे में मुकेश की कमर में गंभीर चोट लगी. डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे धनबाद रेफर कर दिया. मुकेश मंडल की धनबाद ले जाने के क्रम में रास्ते में मौत हो गयी. मृत्यु की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे. वे फैक्ट्री का गेट जाम कर दिये और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया. मौके पर झामुमो नेता हसनैन अली, जेएलकेएम के नेता नागेंद्र चंद्रवंशी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि पहुंचे और आश्रित के लिए मुआवजे की मांग की. शनिवार को दिन भर चले प्रदर्शन के बाद फैक्ट्री प्रबंधन और परिजनों के बीच शाम में सकारात्मक वार्ता हुई.
प्रबंधन ने आश्रित को दिया 17 लाख रुपये का चेक
वार्ता के बाद हसनैन अली ने पत्रकारों को बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने 17 लाख रुपये का चेक दिया है. इसके अलावा मृतक के अंतिम संस्कार के लिए नकद 50 हजार रुपये दिये हैं. फैक्ट्री प्रबंधन ने मृतक की पत्नी को प्रत्येक माह इएसआइ के तहत 13,500 रुपये की पेंशन देने पर भी सहमति जतायी है.
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