ePaper

Giridih News : अरारी पंचायत में 34 जलमीनारों में 29 पड़े हैं आधे-अधूरे

Updated at : 07 Jan 2026 12:03 AM (IST)
विज्ञापन
Giridih News : अरारी पंचायत में 34 जलमीनारों में 29 पड़े हैं आधे-अधूरे

Giridih News : नल-जल योजना. नौ माह में पूरा करना था काम, लेकिन पांच वर्ष में नहीं हुआ पूरा

विज्ञापन

Giridih News : प्रतिनिधि, बिरनी. केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी नल-जल योजना के जरिये हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का दावा बिरनी प्रखंड के अरारी पंचायत में झूठा साबित होता नजर आ रहा है. पंचायत के अलग-अलग गांव व टोलाें में पिछले दो वर्षों से 29 जलमीनार अधूरे पड़े हैं. विकास के नाम पर यहां जलमीनार का सिर्फ ढांचा खड़ा है. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उक्त सभी जलमीनारों का निर्माण कार्य बड़े जोर-शोर से शुरू किया गया था. कहीं जलमीनार की संरचना खड़ी हैं तो कहीं सोलर, मोटर, पाइप बिछाये बगैर टंकी खड़ी करने के बाद काम को बीच में ही रोक दिया गया है. कहीं बोरिंग फेल है, तो कहीं मोटर और बिजली कनेक्शन का अता-पता नहीं है. जलमीनार का निर्माण कार्य शुरू हुए दो साल बीत गया, लेकिन अब तक 29 जलमीनार का काम अधूरा पड़ा है. करोड़ों रुपये की सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद जनता को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. अब एक माह के बाद गर्मी धीरे धीरे शुरू हो जायेगी. तालाब, कुआं, नदी, नाले का जलस्रोत धीरे धीरे नीचे चला जा रहा है. ऐसे में ग्रामीणों की भी चिंता बढ़ती जा रही है. अरारी पंचायत निवासी सह पंसस पंकज यादव, सुनील वर्मा, सुधीर वर्मा, निरंजन वर्मा समेत कई लोगों ने कहा कि कई बार संबंधित विभाग से इसकी शिकायत की गयी, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है. लोगों को उम्मीद थी कि जलमीनार बनने से पानी की किल्लत दूर होगी व लोगों के घरों तक स्वच्छ पानी मिलेगा, लेकिन अब तक सिर्फ ढांचा बनकर खड़ा रह गया है. कहा कि विभागीय अधिकारी गर्मी से पहले सभी अधूरे जलमीनार को चालू नहीं करते हैं तो पंचायत के लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

क्या कहती हैं मुखिया

अरारी पंचायत की मुखिया प्रमिला देवी ने बताया कि पूरे पंचायत में 34 जलमीनार स्वीकृत हुआ था. लगभग सभी जलमीनार का काम गौतम ड्रिल इंडिया द्वारा कराया जा रहा था, जिसमें अब तक सिर्फ 5 जलमीनार ही चालू हो पाये हैं. 29 जलमीनार का काम अभी भी अधूरा है. जनवरी 2022 में योजना की स्वीकृति मिली थी. काम को नौ माह में पूरा करना था, लेकिन पांच वर्ष में भी कार्य पूरी नहीं हो पाया है. बताया कि इसकी लिखित व मौखिक सूचना कई बार पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता को दी गयी है. कार्यपालक अभियंता ने संवेदक को मेरे सामने फोन कर अविलंब अधूरे जलमीनार को पूरा करने की सख्त हिदायत दी थी. इतना ही नहीं. लगभग छह माह पूर्व स्वयं कार्यपालक अभियंता ने जलमीनार की जांच करते हुए अविलंब इसका काम कराने का आश्वासन दिया था, बावजूद आज तक काम चालू नहीं हो पाया है.

कोट

सबसे पहले फंड का इश्यू है. संवेदक को भुगतान नहीं मिलने के कारण वे उस पर दबाव नहीं बना पा रहे हैं. अभी अरारी पंचायत का ही विजिट कर रहे हैं. जो जलमीनार चालू हो गया है और उसमें भुगतान करने की स्थिति है या नहीं उसे देखते हुए संवेदक को भुगतान करते हुए ठप पड़े जलमीनार के कार्य को चालू करने का प्रयास करेंगे.

-दानिश इबरार, कनीय अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
MANOJ KUMAR

लेखक के बारे में

By MANOJ KUMAR

MANOJ KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola