परिजनों के चीत्कार से दहल उठा अस्पताल, स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग

Updated at : 03 Jul 2018 5:31 AM (IST)
विज्ञापन
परिजनों के चीत्कार से दहल उठा अस्पताल, स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग

गिरिडीह/बेंगाबाद : सोमवार की सुबह निलेश के अस्पताल पहुंचने की खबर सुनकर बच्चे के पिता के अलावा उसकी दादी मीना देवी समेत कई लोग सदर अस्पताल पहुंचे. सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंचते ही परिजनों के चीकार से अस्पताल दहल उठा.अभी तो बाय कहा था निलेश ने : मृतक की दादी बच्चे के शव से लिपटकर […]

विज्ञापन
गिरिडीह/बेंगाबाद : सोमवार की सुबह निलेश के अस्पताल पहुंचने की खबर सुनकर बच्चे के पिता के अलावा उसकी दादी मीना देवी समेत कई लोग सदर अस्पताल पहुंचे. सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंचते ही परिजनों के चीकार से अस्पताल दहल उठा.अभी तो बाय कहा था निलेश ने : मृतक की दादी बच्चे के शव से लिपटकर रो रही थी.
दादी मीना देवी ने कहा कि अभी दो घंटे पहले ही स्कूल से निकलते वक्त निलेश ने बाय कहा था. उसे पता रहता कि उसका लाडला नहीं लौटेगा तो वह उसे स्कूल जाने ही नहीं देती. मीना स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर रही थी. मीना का कहना था कि निलेश तो अभी नासमझ था स्कूल में उसकी देखभाल का जिम्मा प्रबंधन पर था,लेकिन प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह नहीं किया. उसके बच्चे की मौत हत्या है और प्रबंधन पर कार्रवाई होनी चाहिए.
बगैर संबद्धतता के चल रहा है विद्यालय : नइटांड़ में संचालित लाल बिहारी महतो डिवाइन पब्लिक स्कूल पिछले छह साल से संचालित है. यहां पर अंग्रेजी माध्यम व सीबीएसइ पैटर्न से शिक्षा देने का दावा किया गया है, लेकिन छह साल संचालन के बीतने के बाद भी अबतक कहीं से मान्यता नहीं ली गयी है. विद्यालय के प्रबंधक हरिहर प्रसाद वर्मा ने बताया कि संबद्धतता के लिए अर्हता पूरी नहीं हो रही थी, जिस कारण विलंब हो रहा है. कहा कि कुछ माह पूर्व सीबीएसइ से मान्यता के लिए आवेदन दिया गया है. बताया कि यहां पर नर्सरी से दशम वर्ग तक पढ़ाई होती है. फिलहाल 525 बच्चे नामांकित हैं, जिसके लिए 16 शिक्षक कार्यरत है.
बताया कि 16 कमरे में से आधे कमरे की पक्की छत है शेष आधे में एसबेस्टस शीट लगी है. वहीं विद्यालय के बच्चों के लिए बेंच-डेस्क की सुविधा तो है, लेकिन दीवार पलास्टर नहीं है. इसके अलावा यहां पर चार शौचालय होने की दावा किया गया, लेकिन शौचालय में ताला बंद रहने के कारण बच्चे शौच के लिए बाहर जाने को विवश हैं.
बरती गयी लापरवाही: कामेश्वर : जिप उपाध्यक्ष कामेश्वर पासवान ने इस घटना के पीछे सीधे तौर पर स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार बताया. कहा कि विद्यालय में कैंपस है तो बच्चा बाहर कैसे गया. कहा कि प्रबंधन अगर सचेत रहता और हर बच्चों पर निगरानी रखता तो शायद यह घटना नहीं घटती. उन्होंने कहा कि विद्यालय के संचालक व प्रधानाध्यापक की गिरफ्तारी होनी चाहिए.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola