नर्सिंग होम में छापेमारी, मिली ं गड़बड़ियां
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :30 May 2018 8:12 AM
विज्ञापन

गिरिडीह : एसडीओ विजया जाधव ने मंगलवार दोपहर शहर के कार्मेल स्कूल के पास लखारी में संचालित क्रेसेंट नर्सिंग होम सह क्रेसेंट अल्ट्रासाउंड में छापामारी की. निरीक्षण के क्रम में एसडीओ ने पाया कि खुले हॉल में जैसे-तैसे महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है. रोगियों की भारी संख्या देख जब एसडीओ ने पूछताछ की तो […]
विज्ञापन
गिरिडीह : एसडीओ विजया जाधव ने मंगलवार दोपहर शहर के कार्मेल स्कूल के पास लखारी में संचालित क्रेसेंट नर्सिंग होम सह क्रेसेंट अल्ट्रासाउंड में छापामारी की. निरीक्षण के क्रम में एसडीओ ने पाया कि खुले हॉल में जैसे-तैसे महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है.
रोगियों की भारी संख्या देख जब एसडीओ ने पूछताछ की तो पता चला कि सदर अस्पताल में आने वाली महिला रोगियों को सहिया बहला-फुसलाकर उनके क्लिनिक में लाती हैं. इससे सहिया को मोटी रकम की प्राप्ति हो जाती है. एसडीओ ने क्लिनिक में महिलाओं का भ्रूण जांच किये जाने के मामले पर भी जांच की, हालांकि निरीक्षण के क्रम में इसकी पुष्टि नहीं हो पायी.
इंट्री कराती पकड़ायी सहिया, पूछताछ के बाद छोड़ा
छापामारी के क्रम में मरीजों को सदर अस्पताल से उक्त क्लिनिक में ले जाकर इंट्री कराते सहिया को भी एसडीओ ने पकड़ा. हालांकि पूछताछ के बाद सहिया को छोड़ दिया गया. एसडीओ ने बताया कि पूछताछ में मरीजों के साथ सहिया ने भी स्वीकार किया कि सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों को बहला-फुसलाकर वे इस चिकित्सक के पास लाती हैं, जिससे चिकित्सक की ओर से उन्हें तीन हजार रुपये प्रति मरीज का कमीशन दिया जाता है. इससे उसकी अच्छी कमाई हो जाती है. बताया जाता है कि इस नर्सिंग होम के संचालक डॉ एनी कुमार और डाॅ बरनाबस हेंब्रोम हैं.
मामले में की जायेगी कार्रवाई : एसडीओ
एसडीओ विजया जाधव ने बताया कि क्लिनिक क्रेसेंट नर्सिंग होम सह क्रेसेंट अल्ट्रासाउंड में छापामारी की गयी. छापेमारी में कई गड़बड़ियां पायी गयी हैं. पाया गया है कि यह अल्ट्रासाउंड डाॅ अर्पिता के नाम पर निर्गत है जो गिरिडीह जिले से नहीं हैं. भ्रूण परीक्षण नहीं होने का बोर्ड भी नहीं लगा है. प्रसूता महिलाओं के लिए यहां कोई व्यवस्था नहीं है. सहिया सदर अस्पताल से यहां मरीजों को लाती हैं. इसके लिए उन्हें तीन हजार रुपये मिलते है. कहा कि इस नर्सिंग होम में मिली सहिया से भी पूछताछ की गयी है. चिकित्सक के मोबाइल में भी कई सहिया का मोबाइल नंबर मिला है.
मरीजों को बहला-फुसलाकर क्लिनिक पहुंचाने का चल रहा गोरखधंधा
जिले के विभिन्न इलाकों से इलाज के लिए लंबी दूरी तय कर सदर अस्पताल आने वाले मरीजों को बहला-फुसलाकर शहर के विभिन्न क्लिनिक में पहुंचाने का गोरखधंधा गिरिडीह में लंबे समय से चल रहा है. अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों की मिलीभगत से चल रहे इस गोरखधंधे में यहां करीब दो दर्जन सहियाएं सक्रिय हैं जो प्रतिदिन सदर अस्पताल परिसर में मौजूद रहती हैं. इन सहियाओं की निगाह वैसे मरीजों पर टिकी रहती है जो सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आती हैं और उनकी शहर के अस्पतालों में कोई जान पहचान नहीं रहती है. वैसे मरीजों के अस्पताल पहुंचने पर सहिया उसके साथ सहानुभूति जताकर उसे बेहतर इलाज के लिए कम खर्च पर बाहर के अस्पताल में ले जाने की बात कह क्लिनिक पहुंचाती हैं. इस कार्य के लिए प्रत्येक सहिया को चिकित्सक की ओर से प्रति मरीज एक हजार से तीन हजार रुपयेका कमीशन दिया जाता है. सहिया का कार्य केवल मरीजों को अस्पताल पहुंचाना होता है. क्लिनिक पहुंचाने के लिए मरीज नहीं मिलने पर सहिया अस्पताल में प्रसव होने वाली प्रसूता महिलाओं से दवा की खरीदारी निर्धारित दुकान से कराने ले जाती हैं,जहां उन्हें पांच सौ रुपये का कमीशन मिलता है. इस तरह से सदर अस्पताल में भटकने वाली कई सहिया प्रतिदिन मरीजों को चूना लगाकर अपनी अच्छी कमाई कर लेती हैं, जिसका खुलासा छापामारी के दौरान एसडीओ के सामने भी हो चुका है. अवैध क्लिनिक में छापेमारी के दौरान वहां मरीजों की भीड़ को देखने के बाद पता चला कि यहां सदर अस्पताल से सहिया मरीजों को बहला-फुसलाकर लाती हैं जिस कारण मरीजों की संख्या काफी अधिक रहती है.
सदर अस्पताल में गंदगी देख बिफरीं एसडीओ
गिरिडीह : सदर अनुमंडल पदाधिकारी विजया जाधव ने मंगलवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. दोपहर के करीब डेढ़ बजे किये गये इस निरीक्षण में एसडीओ ने स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों की जमकर क्लास ली. उन्होंने अस्पताल के प्रत्येक वार्ड, प्रसव गृह, ऑपरेशन थियेटर, ओपीडी समेत अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया. इस क्रम में अस्पताल परिसर से लेकर सभी स्थानों में व्याप्त गंदगी देख अस्पताल प्रबंधक को फटकार लगायी. मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ रामरेखा प्रसाद और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ बीएन झा पर भी एसडीओ ने नाराजगी जतायी. इस दौरान चिकित्सा पदाधिकारियों को कहा गया कि यहां कार्यरत चिकित्सक सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों को सहिया के माध्यम से अपने क्लिनिक में बुलाते हैं और इलाज के नाम पर उससे उगाही करते हैं. गरीबों के स्वास्थ्य के साथ चिकित्सक खिलवाड़ कर रहे हैं. निरीक्षण के क्रम में एसडीओ ने अस्पताल आने वाली सहियाओं पर विशेष निगाह रखने का भी निर्देश दिया. मौके पर अस्पताल प्रबंधक प्रवीर मुर्मू को अस्पताल में गंदगी रहने पर उसपर कड़ी कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी. कहा गया कि अस्पताल में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें. आउटसोर्सिंग से लिये गये सफाई कर्मियों समेत अन्य वैसे कर्मियों से सक्रियता से कार्य लें जो सदर अस्पताल में कार्यरत हैं. कहा गया कि वैसे कर्मी यदि कार्य नहीं करते हैं तो उन्हें तत्काल हटायें. निरीक्षण के क्रम में उनके साथ सिविल सर्जन डॉ रामरेखा प्रसाद, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ बीएन झा के अलावा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरपी दास, अस्पताल प्रबंधक प्रवीर समेत स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










