हत्या मामले में पिता-पुत्र को उम्र कैद
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :21 Dec 2017 8:16 AM
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गिरिडीह : जिला व अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुनील कुमार सिंह की अदालत ने बुधवार को हत्या के एक मामले में पिता कुलेश्वर तिवारी व पुत्र रतन तिवारी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने पांच-पांच हजार का जुर्माना भी किया है. इसी मामले में धारा 201/34 भादवि में अदालत […]
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गिरिडीह : जिला व अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुनील कुमार सिंह की अदालत ने बुधवार को हत्या के एक मामले में पिता कुलेश्वर तिवारी व पुत्र रतन तिवारी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने पांच-पांच हजार का जुर्माना भी किया है. इसी मामले में धारा 201/34 भादवि में अदालत ने दो वर्ष की सजा व दो हजार का जुर्माना भी लगाया है.
जुर्माना की रकम नहीं देने पर छह माह की सजा काटनी होगी. मामला मुफस्सिल थाना अंतर्गत पुरनानगर गांव का है. सूचक भुवनेश्वर तिवारी पिता स्व. महादेव तिवारी के बयान पर मुफस्सिल थाना में राजमोहन तिवारी की हत्या का मामला दर्ज किया गया था. मामले में कुलेश्वर तिवारी व रतन तिवारी को नामजद अभियुक्त बनाया गया था.
सूचक भुवनेश्वर तिवारी का कहना था कि उसका बड़े बेटे राजमोहन तिवारी ने एक टेंपो खरीदा था. चालक के रूप में शंकर तुरी को रखा था. 18 अगस्त 2009 की रात करीब साढ़े दस बजे शंकर तुरी टेंपो को लेकर उसके घर पर पहुंचा और किराया का हिसाब कर दिया.
चालक शंकर तुरी को घर छोड़ने के लिए उसका पुत्र राजमोहन तिवारी जाने लगा तो पड़ोसी रतन तिवारी भी उसके साथ हो लिया. तीनों आदमी पैदल चुंजका गये. परिवार के लोग राजमोहन के आने का इंतजार कर रहे थे.
इसी दौरान रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे चौकीदार प्रह्लाद तिवारी व ग्रामीण उसके घर आये और बताया कि उनका पुत्र राजमोहन तिवारी गांव के एक कुएं में गिरा पड़ा है. वह कुआं के पास पहुंचा तो उसका पुत्र मृत पड़ा मिला और उसके शरीर पर जगह-जगह निशान मिले. उसने दावा किया कि पुरानी दुश्मनी के कारण कुलेश्वर तिवारी व रतन तिवारी ने उसके पुत्र की हत्या कर शव को कुएं में डाल दिया है.
इस मामले में मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 245 दिनांक 19.08.2009 को धारा 302/34 व 201/34 के तहत मामला दर्ज किया गया. सत्रवाद संख्या 29/10 में अदालत ने पिता-पुत्र को दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनायी. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कृष्णा प्रसाद राय व बचाव पक्ष की ओर से प्रभात खेतान ने बहस की.
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