तालाब अतिक्रमण मुक्त नहीं हुआ तो नहीं करेंगे प्रतिमाओं का विसर्जन

Updated at :26 Sep 2017 9:14 AM
विज्ञापन
तालाब अतिक्रमण मुक्त नहीं हुआ तो नहीं करेंगे प्रतिमाओं का विसर्जन

सुंदर तालाब का विवाद दिनो दिन गहराता जा रहा है. तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सुंदर तालाब बचाओ संघर्ष समिति को अब शहर के अन्य पूजा समितियों ने भी समर्थन देने की घोषणा की है. दूसरा पक्ष जमीन को रैयती बता रहा है. वहीं […]

विज्ञापन
सुंदर तालाब का विवाद दिनो दिन गहराता जा रहा है. तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर तीन दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सुंदर तालाब बचाओ संघर्ष समिति को अब शहर के अन्य पूजा समितियों ने भी समर्थन देने की घोषणा की है. दूसरा पक्ष जमीन को रैयती बता रहा है. वहीं स्थिति पर प्रशासन की भी नजर है.
गिरिडीह : सुंदर तालाब अतिक्रमण के मामले को लेकर रविवार देर रात बरगंडा स्थित विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में शहर व ग्रामीण इलाके की कई पूजा समितियों ने बैठक की. निर्णय लिया कि तालाब अतिक्रमण मुक्त नहीं होने पर प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं करेंगे. इस निर्णय के बाद उपायुक्त को आवेदन भी दिया गया.
अवेदन में कहा गया कि बरगंडा के सार्वजनिक काली मंडा तथा आसपास स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन में होनेवाली समस्या को देखते हुए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन अविलंब सुंदर तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए यथा स्थिति में नहीं लाता है तो इस क्षेत्र के दुर्गा मंडप स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं करेंगे.
बैठक में नगर पर्षद अध्यक्ष दिनेश यादव, नप उपाध्यक्ष राकेश मोदी, वार्ड पार्षद सुमित कुमार, आजसू जिलाध्यक्ष गुड्डू यादव, अधिवक्ता नित्यानंद प्रसाद के अलावा अजय कांत झा, संदीप डंगाइच, प्रशांत प्रकाश, पुराना जेल परिसर पूजा समिति के अरुण कुमार व अरविंद कुमार, गांधी चौक स्थित काली मंडा के दीपक यादव, अलकापुरी दुर्गा पूजा समिति के बासुदेव महथा, बीबीसी रोड दुर्गा पूजा समिति के रितेश सिन्हा, रेलवे पूजा समिति के किशोर कुमार ठाकुर, बभनटोली के विनोद यादव, तिरंगा चौक के राहुल सिंह, नवयुवक संघ समिति महादेव तालाब रोड के कंपू यादव, नवयुवक समिति झरियागादी के राजू यादव, नवयुवक समिति कोल्डीहा के परमेश्वर यादव, सेंट्रलपीठ पूजा समिति के मंटू यादव, सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के संजीव नाथ सहाय आदि मौजूद थे.
अनशनकारियों की हालत बिगड़ी
तीनों दिनों से अनशन पर बैठे सुंदर तालाब बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों की हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है. सोमवार की सुबह से ही अनशनकारियों की हालत बिगड़ने लगी, उनका बीपी काफी लो हो गया. बाद में डॉक्टरों की एक टीम पहुंची और अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया. स्वास्थ्य परीक्षण के बाद एक-एक कर अनशनकारियों को स्लाइन चढ़ाया जाने लगा. इस बीच दोपहर में अनशनकारी रामजी यादव की तबीयत ज्यादा खराब हो गयी.
सदर अस्पताल से डाॅक्टरों को अनशन स्थल पर भेजा गया और वहीं पर इलाज शुरू किया गया. इससे पहले अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर अहले सुबह से ही नप अध्यक्ष दिनेश यादव पहुंच गये और अपनी उपस्थिति में इलाज करवाया. बता दें कि तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर 23 सितंबर की दोपहर से ही देवराज, मिथुन चंद्रवंशी, मनोज संघई, रामजी यादव, बाबू, टिंकू केशरी, गुड्डू यादव, प्रवीण अग्रवाल, अनिल यादव, रॉकी नवल अनशन पर बैठे हैं.
आस्था के साथ राजनीति न हो : वशिष्ठ
बरगंडा विश्वनाथ मंदिर पूजा कमेटी के पूर्व सदस्य वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि आस्था के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए. कहा कि सुंदर तालाब में मूर्ति विसर्जन 20 वर्षों से भी ज्यादा समय से वह देखते आ रहे हैं. गंदे तालाब में मां दुर्गें की प्रतिमा का विसर्जन होता रहा है, लेकिन अब जमीन के मालिक अशोक सिंह के प्रयास से तालाब का सौंदर्यीकरण कराया जा चुका है.
श्री सिंह ने कहा कि अब सुंदर तालाब बिल्कुल साफ-सुथरा व स्वच्छ हो चुका है. पूजा कमेटी के सदस्यों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि शांति पूर्ण तरीके से पूजा-अर्चना कर प्रतिमा का विसर्जन करें. मां प्रतिमा के विसर्जन में कोई राजनीति न हो तो बेहतर होगा. कुछ लोग बेवजह माहौल को खराब कर रहे हैं.
मामला न्यायालय में, अनशन और धरना उचित नहीं : कामेश्वर पासवान
जिला परिषद उपाध्यक्ष कामेश्वर पासवान ने बयान जारी कर कहा है कि सुंदर तालाब का मामला न्यायालय के अधीन है. ऐसे में अनशन-धरना करना उचित नहीं है. पहले तालाब काफी गंदा था , लेकिन सोमवार को वे वहां पहुंचे तो देखा कि जमीन मालिक ने काफी साफ-सफाई करायी है .
सुंदर तालाब को घेरने की बात निराधार है. सर्वे नक्शा में भी कहीं तालाब का कहीं कोई अस्तित्व नहीं है. श्री पासवान ने कहा कि जब जमीन रैयत के नाम से है और रैयत ने 4 कट्ठा जमीन पूर्व में ही दे दी है तो उसके बाद विवाद खड़ा करना उचित प्रतीत नहीं होता है. कहा कि रैयत अशोक भारद्वाज, बबलू भारद्वाज और उनके सभी सहयोगियों ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए तालाब के लिए 4 कट्टा जमीन दान दी है तो वे धन्यवाद के पात्र हैं. अगर दस्तावेज में तालाब का स्वरूप है तो उसके लिए प्रशासन निर्णय लेगा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola