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बिना डिमांड-एलपीसी और रसीद के रजिस्ट्री, प्रतापपुर में 17 एकड़ जमीन बेच दी गयी

Updated at : 03 Aug 2025 9:28 PM (IST)
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बिना डिमांड-एलपीसी और रसीद के रजिस्ट्री, प्रतापपुर में 17 एकड़ जमीन बेच दी गयी

जिले में जमीन की रजिस्ट्री को सामने आया फर्जीवाड़ा

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जिले में जमीन की रजिस्ट्री को सामने आया फर्जीवाड़ा पीयूष तिवारी, गढ़वा. जिले में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. बिना डिमांड, बिना एलपीसी, बिना ऑनलाइन या ऑफलाइन रसीद और रजिस्टर टू में नाम दर्ज किये बिना ही प्रतापपुर गांव में 17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कर दी गयी. भू-माफिया और अंचल व निबंधन कार्यालय की साठगांठ होने की संभावना है. साथ ही इस फर्जी रजिस्ट्री के बाद जमीन का नामांतरण कराने के लिए आवेदन भी दे दिया गया. ताजा मामले में 11, 12 और 13 जून 2025 को प्रतापपुर गांव स्थित खाता संख्या 65, 60, 102, 75, 44 व 77 तथा प्लॉट संख्या 1200, 1199, 1198, 1214, 1212, 119 में कुल 17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री अलग-अलग पांच लोगों के नाम से की गयी. यह जमीन विकास कुमार सिंह, अनशाद अंसारी और राजीव कुमार सिंह द्वारा बेची गयी. हालांकि, इस जमीन का न तो कोई डिमांड है, न रजिस्टर टू में नाम दर्ज है, न ही एलपीसी या रसीद जारी है. यानी यह पूरी तरह से बेलगानी जमीन है, जिसकी रजिस्ट्री नियमविरुद्ध तरीके से की गयी. फर्जी दस्तावेज में अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर रजिस्ट्री के लिए 2000 में कटे एक पुराने ऑफलाइन रसीद और 2023 में रजिस्टर टू को ऑनलाइन करने से संबंधित आवेदन के कागजात लगाये गये. इसमें तत्कानीन राजस्व कर्मचारी नरेंद्र राम और तत्कालीन अंचल निरीक्षक सुशील कुमार तिवारी के अनुशंसा के संबंधी हस्ताक्षर हैं. लेकिन जब दोनों से संपर्क किया गया तो उन्होंने साफ इनकार करते हुए कहा कि हस्ताक्षर फर्जी हैं और किसी अन्य कागजात से स्कैन कर उपयोग किये गये हैं. जबकि वर्तमान राजस्व कर्मचारी नरेंद्र पाठक ने बताया कि यह जमीन रजिस्टर टू में दर्ज नहीं है. नारायणपुर में भी 1.28 एकड़ जमीन की फर्जी बिक्री प्रतापपुर की तरह ही गढ़वा अंचल के नारायणपुर गांव में खाता संख्या 67, प्लॉट संख्या 524 की 1.28 एकड़ जमीन 3 जून को पांच लोगों के नाम रजिस्ट्री की गयी. बिक्री प्रवेश प्रजापति द्वारा की गयी, जिसमें फर्जी रजिस्टर टू और ऑनलाइन करने से संबंधित फर्जी आवेदन पत्र के साथ अधिकारियों के नकली हस्ताक्षर लगे हुए हैं. इस जमीन का नामांतरण वाद पहले ही 2013-14 अंचल पदाधिकारी में खारिज किया जा चुका है. रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया गया, जिसे राजस्व कर्मचारी निशा सिन्हा ने इसमें संलग्न दस्तावेज को अपनी रिपोर्ट में फर्जी करार दिया है. जांच करने के बाद ही बतायेंगे : विवेक पांडेय इस संबंध में अवर निबंधन पदाधिकारी विवके पांडेय ने बताया कि उनके यहां इस तरह से जमीन की रजिस्ट्री नहीं होती है, फिलहाल उनका स्थानांतरण हो गया है, वे जांच करने के बाद ही मामले के बारे में बतायेंगे. मामले की जानकारी नहीं: सफी आलम इस संबंध में अंचल पदाधिकारी सफी आलम ने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, यदि आता है, तो जांचोपरांत कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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