हाथियों के हमले में आदिम जानजाति के युवक की मौत

मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने किया अंतिम संस्कार से इंकार
मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों ने किया अंतिम संस्कार से इंकार प्रतिनिधि, मेराल थाना क्षेत्र के बानाजांघ गांव में रविवार देर शाम हाथियों के झुंड ने एक युवक को कुचल कर मार डाला. मृतक की पहचान 25 वर्षीय रमेश परहिया के रूप में हुई है, जो बहेरवा गांव का निवासी और आदिम जनजाति समुदाय से संबंध रखता था. जानकारी के अनुसार, रमेश रविवार की शाम जरही बाजार से सामान लेकर घर लौट रहा था. इसी दौरान रास्ते में हाथियों के झुंड ने उसे घेर लिया और कुचल कर उसकी जान ले ली. घटना के बाद शव को गांव लाया गया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और वन विभाग हाथियों के बढ़ते आतंक को रोकने में पूरी तरह नाकाम है. उन्होंने मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की. वन विभाग की ओर से तत्काल राहत स्वरूप 50 हजार रुपये नगद सहायता देने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन ग्रामीणों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए ठुकरा दिया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हाथियों की गतिविधियों की जानकारी पहले से नहीं दी जाती और न ही प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए जाते हैं. विदित हो कि गढ़वा समेत झारखंड के कई जिलों में पिछले कुछ वर्षों से हाथियों का आतंक लगातार बढ़ा है. भोजन और पानी की तलाश में हाथियों के झुंड आबादी वाले इलाकों में घुस रहे हैं, जिससे लगातार जान-माल का नुकसान हो रहा है.
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