प्रशिक्षु खिलाड़ियों में 19 साल में पहली बार नहीं मिली प्रोत्साहन राशि

प्रशिक्षु खिलाड़ियों में 19 साल में पहली बार नहीं मिली प्रोत्साहन राशि
पीयूष तिवारी, गढ़वा झारखंड सरकार के खेलकूद विभाग की ओर से खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए संचालित डे-बोर्डिंग सेंटर के निबंधित प्रशिक्षु खिलाड़ियों को पूरे साल प्रोत्साहन राशि नहीं मिल सकी है. इससे खिलाड़ियों में काफी मायूसी है. गढ़वा जिले में वित्तीय साल 2007-08 से डे-बोर्डिंग सेंटर संचालित किये जा रहे हैं. लेकिन यह पहला मौका है जब वित्तीय साल 2025-26 में प्रशिक्षु खिलाड़ियों को एक माह का भी प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया. गढ़वा जिले में तीन विभिन्न खेलों के पांच डे-बोर्डिंग सेंटर संचालित किये जा रहे हैं. इनसे 120 खिलाड़ी निबंधित हैं. इनके प्रोत्साहन राशि भुगतान के लिए करीब 7.20 लाख रूपये की आवश्यकता थी. सरकार की ओर से प्रत्येक प्रशिक्षु खिलाड़ी को 500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से साल में छह हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता रहा है. वित्तीय वर्ष 2024-25 तक खिलाड़ियों को यह प्रोत्साहन राशि मिली, लेकिन 2025-2026 में खिलाड़ियों को राशि का भुगतान नहीं किया गया. प्रशिक्षु खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि पूरे साल नहीं तो कम से कम वित्तीय साल की समाप्ति के समय मार्च महीने में सरकार की ओर से राशि आवंटित की जायेगी, लेकिन राशि का आवंटन ही नहीं किया गया. इन खेलों के डे-बोर्डिंग सेंटर हैं संचालित गढ़वा जिले में तीन खेलों के कुल पांच डे-बोर्डिंग सेंटर संचालित हैं. पांचों सेंटर से कुल 120 खिलाड़ी जुड़े हुए हैं और प्रतिदिन प्रशिक्षण लेते हैं. जिले में कुश्ती के बालक व बालिका (25-25 निबंधित खिलाड़ी), एथलेटिक्स बालक व बालिका (25-25 निबंधित खिलाड़ी) व वॉलीवॉल बालक (20 निबंधित खिलाड़ी) का डे-बोर्डिंग सेंटर संचालित है. गढ़वा शहर के रामासाहू सीएम एक्सीलेंस विद्यालय के पास स्थित इंडोर स्टेडियम में कुश्ती व उसके आउटडोर स्टेडियम में वॉलीवॉल व एथलेटिक्स का डे-बोर्डिंग सेंटर प्रतिदिन संचालित होता है. क्या है डे-बोर्डिंग सेंटर झारखंड में खेलकूद विभाग द्वारा संचालित डे-बोर्डिंग सेंटर, राज्य के सभी 24 जिलों में स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने के लिए स्थापित विशेष खेल प्रशिक्षण केंद्र हैं. ये सेंटर 10 से 14 वर्ष के प्रतिभाशाली बच्चों को नि:शुल्क, नियमित और उच्च-गुणवत्ता वाला खेल प्रशिक्षण प्रदान करते हैं. यह आवासीय नहीं है. इसमें प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि के अलावा खेल किट भी नि:शुल्क प्रदान किये जाते हैं. खिलाड़ियों को खेल किट तो मिली है, लेकिन प्रोत्साहन राशि नहीं मिल सकी है. राज्यस्तर का मामला है, हम कुछ नहीं कह सकते : दिलीप कुमार जिला खेल पदाधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि यह राज्यस्तर का मामला है, इसमें वे कुछ नहीं बोल सकते. जबकि इस संबंध में खेल निदेशक आशिफ एकराम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, पर उन्होंने फोन रिसिव नहीं किया.
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