बिहार के होटलों में रोटी गायब, हॉस्टलों से अस्पतालों तक खाने का मेन्यू बदला

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सांकेतिक तस्वीर

LPG Crisis: बिहार में एलपीजी संकट अब आम लोगों की रसोई से निकलकर हॉस्टल, अस्पताल और होटल-रेस्टोरेंट तक पहुंच चुका है. सिलेंडर की सप्लाई में 8 से 10 दिनों की देरी ने खाने के मेन्यू और कीमतों दोनों को बदल कर रख दिया है.

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LPG Crisis: बिहार में इन दिनों एलपीजी के भारी संकट ने आम जनजीवन को पटरी से उतार दिया है. स्थिति यह है कि गैस का बैकलॉग 8 से 10 दिनों तक पहुंच गया है, जिससे रसोई से लेकर रेस्टोरेंट तक सब कुछ प्रभावित है.

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सबसे बुरा असर पटना के हॉस्टलों में देखने को मिल रहा है, जहां रोटियां बेलना अब लग्जरी जैसा हो गया है.

हॉस्टलों और होटल-रेस्टोरेंट का मेन्यू बदला

पटना के मगध महिला कॉलेज के हॉस्टलों में गैस संकट का सीधा असर दिख रहा है. जहां पहले रोज 3000 से ज्यादा रोटियां बनती थीं, अब यह संख्या घटकर आधी रह गई है. छात्राओं को अब रोटी की जगह चावल दिया जा रहा है, जबकि नाश्ते में पूरी-सब्जी और पराठे की जगह पोहा-उपमा ने ले ली है.

समस्तीपुर और बेतिया में होटल-रेस्टोरेंट ने इडली, ढोकला और दहीबड़ा जैसे आइटम मेन्यू से हटा दिए हैं. मुजफ्फरपुर और मधुबनी में मेन्यू तो बना हुआ है, लेकिन कीमतें 10% तक बढ़ गई हैं. भागलपुर में स्थिति और गंभीर है, जहां 70% दुकानें कोयले पर चल रही हैं और रोस्टेड आइटम पूरी तरह गायब हो चुके हैं.

अस्पतालों से लेकर स्ट्रीट वेंडर्स तक संकट का साया

गैस की किल्लत का असर केवल घरों तक सीमित नहीं है. पटना के प्रतिष्ठित आईजीआईएमएस (IGIMS) अस्पताल की कैंटीन से डोसा, चाट और छोला-भटूरा जैसे 16 पसंदीदा व्यंजन हटा दिए गए हैं. आलम यह है कि अस्पताल का बेस किचन अब लकड़ी, कोयले और इंडक्शन के भरोसे चल रहा है.

मेडिकल छात्रों की थाली की कीमत भी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है. प्रदेश के अन्य शहरों जैसे समस्तीपुर और बेतिया में भी होटलों ने अपना मेन्यू आधा कर दिया है, जबकि भागलपुर की 70% दुकानें अब वापस कोयले के पुराने दौर में लौटने को मजबूर हैं.

चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले कुछ दिनों में करीब 50% पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरों ने गैस की कमी और कोयले की बढ़ती कीमतों (300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी) के कारण अपनी दुकानें बंद कर दी हैं.

ब्लैक मार्केटिंग का खेल, पुलिस की बड़ी कार्रवाई


श्रीकृष्णापुरी में पुलिस ने छापेमारी कर गैस की कालाबाजारी का खुलासा किया. एक दुकानदार को आठ घरेलू और एक कॉमर्शियल सिलेंडर के साथ गिरफ्तार किया गया. वह अवैध रिफिलिंग कर ऊंचे दामों पर गैस बेच रहा था. पटना के श्रीकृष्णपुरी इलाके में पुलिस ने एक शातिर दुकानदार को पकड़ा है जो घरेलू सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग कर रहा था. पुलिस ने ग्राहक बनकर जाल बिछाया और छापेमारी में आठ घरेलू सिलेंडर बरामद किए.

डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर 443 जगहों पर छापेमारी की गई है और अब तक 108 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं. उपभोक्ताओं में इस बात को लेकर भी भारी गुस्सा है कि गैस बुकिंग के बाद ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) नहीं मिल रहा है, जिससे सिलेंडर घर पहुंचने में देरी हो रही है.

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