गीत-गजल और कविताओं से गुंजायमान हुआ शहर

अनुमंडल सभागार में सजी काव्य गोष्ठी
अनुमंडल सभागार में सजी काव्य गोष्ठी प्रतिनिधि, गढ़वा नये साल की पहली सुबह गढ़वा में साहित्यिक ऊर्जा का संचार हुआ. गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय सभागार में आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं से नववर्ष का स्वागत किया और सामाजिक मुद्दों व मानवीय संवेदनाओं पर भी प्रकाश डाला. इस आयोजन की अध्यक्षता गढ़वा के एसडीएम संजय कुमार ने की और कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ साहित्यप्रेमी नीरज श्रीधर ने किया. मंच संचालन कवि राकेश त्रिपाठी ने अपनी ओजस्वी शैली में किया. गोष्ठी का शुभारंभ लवाही कला के अखिलेश पांडेय के मांगलिक मंगलाचरण से हुआ, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक आभा से भर दिया. गोष्ठी में विविध रसों की कविताओं का संगम था. श्रवण शुक्ला ने सूर्य का विवाह के माध्यम से पौराणिक आख्यानों को जीवंत किया, जबकि युवा कवि इंद्र कुमार और देव कुमार ने नये सपने, नयी खुशियां से आशावाद का संदेश दिया. डॉ टी पीयूष ने स्वप्न उंचाइयों का और जय पूर्णा ने धैर्य के महत्व पर अपनी कविताएं प्रस्तुत की. सेवानिवृत्त शिक्षक योगेंद्र सिंह ने बाबू वीर कुंवर सिंह की जांबाजी पर कविता पढ़ी. इसके अलावा, धर्मेंद्र कुमार ने बालू चोरी, परशुराम ने अस्पताल की अव्यवस्था पर तीखा व्यंग्य कसा, और अरविंद तिवारी ने दहेज प्रथा पर मार्मिक कविता प्रस्तुत की. विजय हिंद और सौरभ तिवारी ने सामाजिक चेतना का संदेश दिया. इस साहित्यिक आयोजन में 30 से अधिक रचनाकारों ने भाग लिया और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया. कार्यक्रम के समापन पर एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि 2026 गढ़वा में साहित्य और संस्कृति के उत्थान का मील का पत्थर साबित होगा, और वे साहित्यिक गतिविधियों को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




