प्रतिनिधि गढ़वा
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला स्पष्ट करता है कि राज्य सरकार की नीतियां पारदर्शी, कानून सम्मत और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को समर्पित हैं. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि नियुक्ति प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रहेगी, जिससे चयनित अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है और उनका व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हुआ है. उन्होंने कहा कि विपक्षी ताकतों ने हमेशा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और नियुक्तियों में रोड़ा अटकाने की कोशिश की, लेकिन न्यायपालिका ने सरकार के नीतिगत निर्णयों पर मुहर लगाकर यह साबित कर दिया कि सच्चाई को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं. शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियुक्ति प्रक्रिया के साथ-साथ जांच भी जारी रहेगी, जो भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की ””””””””जीरो टॉलरेंस”””””””” नीति को दर्शाता है. झारखंड छात्र मोर्चा राज्य के युवाओं को आश्वस्त करता है कि हेमंत सोरेन सरकार हर योग्य हाथ को काम देने और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है.
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