प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने पर बूचड़खाने को जेसीबी से किया ध्वस्त

Updated at : 04 Apr 2026 9:30 PM (IST)
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प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने पर बूचड़खाने को जेसीबी से किया ध्वस्त

शहर में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ प्रशासन ने चलाया सर्च अभियान

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शहर में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ प्रशासन ने चलाया सर्च अभियान प्रतिनिधि, गढ़वा शहर के उंचरी क्षेत्र में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ शनिवार को जिला प्रशासन ने कार्रवाई की. एसडीएम संजय कुमार और एसडीपीओ नीरज कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने उंचरी की गलियों में सर्च अभियान चलाया. इस दौरान रेल लाइन के समीप टिन शेड में चल रहे एक अवैध बूचड़खाने का भंडाफोड़ हुआ, जिसे प्रशासन ने जेसीबी मशीन लगाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित पशु अवशेष और चमड़ा बरामद किया गया है. एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उंचरी क्षेत्र और तिलैया नदी के पास श्मशान घाट के समीप गोवंशीय पशुओं के अवशेष फेंकने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. उपायुक्त को मिली लिखित शिकायत के बाद दो दिन पूर्व ही अधिकारियों के साथ गुप्त बैठक कर इस कार्रवाई की रणनीति तैयार की गयी थी. शनिवार को जब टीम उंचरी पहुंची, तो रेल लाइन के पास दुर्गंध आने पर दो अस्थाई संरचनाओं का ताला तोड़ा गया, जहां अंदर प्रतिबंधित मांस और अवशेष पाये गये. सर्च टीम में शामिल जिला पशुपालन पदाधिकारी विद्यासागर सिंह ने मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर गोकशी की पुष्टि की. इसके बाद एसडीएम के निर्देश पर सभी अवशेषों की विधिवत वीडियोग्राफी करायी गयी और उन्हें जमीन में गाड़कर निस्तारित किया गया. प्रशासन ने मौके से पशुओं के कान में लगने वाले बारकोड युक्त टैग भी बरामद किये हैं. इन टैग्स के जरिए पशुओं के वास्तविक मालिकों की पहचान की जा रही है, ताकि उन पर भी कार्रवाई की जा सके. इस छापेमारी में एसडीपीओ नीरज कुमार, अंचल अधिकारी सफी आलम, नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीपश्री, पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार तिवारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल और नगर परिषद के कर्मी मौजूद थे. जमीन मालिक और संचालकों पर होगा केस प्रशासन ने अंचल अमीन और राजस्व कर्मचारियों को बुलाकर उस जमीन का विवरण निकलवाया है, जिस पर यह अवैध कारोबार चल रहा था. एसडीएम ने स्पष्ट किया कि जमीन मालिक और बूचड़खाना संचालकों की पहचान कर उनके विरुद्ध झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम 2005 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. नगर परिषद, पशुपालन विभाग और थाना प्रभारी को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है. ……………… कोट अवैध और अनैतिक कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा. यह अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा. स्थानीय लोग ऐसे अवैध कार्यों की सूचना प्रशासन को दें, उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जायेगी. संजय कुमार, एसडीएम, गढ़वा

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Akarsh Aniket

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